हादसों का इंतजार.. आख़िर कब जागेगा मंडला पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग
बिना हेलमेट वाहन चालको से प्यार और ऑटो टैक्स बोलोरो में ओवरलोड वाहनो को दरकिनार
ओवरलोडिंग वाहनों पर कब होगी कार्यवाही या
पुलिस की शय पर बड़े हादसों का हैं इंतजार

रेवांचल टाइम्स मंडला – आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में सड़क सुरक्षा अभियान के तहत पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग आए दिन सड़कों पर चलानी कार्यवाही करते हुए आपको नज़र आती होगी। कभी नेशनल हाइवे पर तो कभी किसी चौराहे पर या कभी कभी जिले से बाहर थानों के सामने खड़े होकर पुलिस सिर्फ खानापूर्ति करते हुए आसानी से नज़र आ सकती हैं। परन्तु वास्तविकता से आप और हम सभी रुबरु हैं। जिले में तीन पहिया चार पहिया वाहनो में ओवर लोड वाहनों को देखने से और बाजार हाट के दिन गांवों से लाने ले जाने वाले चार पहिया वाहनों को देखकर हम और आप आसानी से अंदाज लगा सकते हैं कि सम्बन्धित विभाग कितना जागरूक हैं। शायद बाजार हाट के दिन चलने वाले ओवरलोड सवारी वाहन सिर्फ पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग को ही नजर नहीं आते तभी तो परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन की नाक के नीचे बड़ी आसानी से ओवरलोड वाहन क्षमताओं से अधिक सवारी बिठा कर उनकी नाक के नीचे आमजन को मौत की सवारी कराते हुए देखे जा सकते हैं।

तीन पहिया चार पहिया वाहनो को क्यो किया जा रहा हैं नजरअंदाज
वही पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग ओवर लोड क्षमता से अधिक सवारी बिठाने वाले वाहनों पर कितना जायदा सख्त हैं, ये आप सड़को में बेलगाम दोड़ रहें तीन पहिया चार पहिया वाहनो टैक्सी की आप इस फोटों के माध्यम से ही अंदाज लगा सकते हैं। पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग सिर्फ ओर सिर्फ हेलमेट, सीटबेल्ट जैसी जांच कर अपनी खानापूर्ति करते हुए नजर आती हैं। ओवरलोड वाहनों की न तो चेकिंग होती है। और न ही ऐसे वाहन चालकों को किसी तरह से कानून का भय नजर आता है। बल्कि इसके उलट इनके द्वारा क्षमता से अधिक सवारी बिठाकर आम लोगों के जीवन के साथ खिलवाड किया जाता है.।
चेंकिंग के नाम पर हेलमेट और सीटबेल्ट बस हो गया ओवरलोड पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं
वही सूत्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील मुख्यालय घुघरी में इन दिनों ओवरलोड वाहनों पर क्षमता से अधिक सवारी बिठाकर आम लोगों के जीवन से खिलवाड किया जा रहा है। लेकिन पुलिस प्रशासन सिर्फ और सिर्फ हेल्मेट और सीटबेल्ट तक ही सीमित रह जाती है।
साप्ताहिक बाजार के दिन चार पहिया वाहनों में क्षमता से अधिक सवारी का आवागमन
चार पहिया सवारी वाहनों के न तो दस्तावेज देखे जाते हैं और न ही ओवरलोड सवारी पर कोई सख्त कार्यवाही विभाग द्वारा होती हैं। और न कमर्शियल वाहनों के बीमा फिटनेस परमिट पर ध्यान दिया जाता हैं।जिसके चलते गांवों से बाजार हाट के दिन बड़ी आसानी से चार पहिया वाहनों में वाहन मालिक क्षमता से अधिक सवारी बिठा कर पुलिस थाना के सामने से सवारी को लाना ले जाना किया जाता हैं।
सवारी वाहनों में परिवहन करते गैस सिलेंडर
सवारी वाहनों में क्षमता से अधिक सवारी के साथ ही गैस सिलेंडर का भी परिवहन चार पहिया वाहनों के द्वारा करते हुए आसानी से नज़र आ जाते है। जिससे साफ पता नज़र आता हैं कि वाहन मालिकों के साथ साथ पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग को केवल अपनी आमदनी से मतलब है। न कि यात्रियों के सुरक्षा के साथ जीवन से कोई मतलब तभी तो थाना के सामने से बड़ी आसानी से ऐसे चार पहिया वाहन निकलते हुए नजर आते हैं।
आख़िर कब देगा प्रशासन ध्यान..?
क्षमता से अधिक सवारी बिठाकर और ज्वलन शील गैस टंकियों के साथ साथ पेट्रोल डीजल का परिवहन करने वाले ऐसे वाहनों पर प्रशासन आखिर कब ध्यान देगा यह एक बहुत बड़ा सवाल हैं। या हांथ में हांथ धरे बैठ कर आने वाले समय में कोई बड़े हादसे का इंतजार पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग के द्वारा भविष्य में कोई बड़ी घटना के इंतजार में हैं और क्या आगे भी अपनी कुंभकर्णीय नींद में सोता रहेगा। आम जनता के लिए यह एक बहुत बड़ा सवाल हैं।
आखिर कार कब तक पुलिस विभाग केवल मोटरसाइकिल चालको के हेलमेट और उनके दस्तावेज के नाम पर परेशान करते हुए केवल उनके हीं भविष्य का ख्याल रखेगी और ऑटो रिक्शा बोलोरो कमांडर अन्य तीन पहिया व चार पहिया वाले वाहनो में अंदर से लेकर ऊपर तक ओवरलोड लोगों को ठसाठस जानवारो की तरह भर के ले जा रहें और पुलिस विभाग देख कर भी अनदेखी कर रहा हैं क्या उन वाहनो में बैठे लोगों की जान से हमदर्दी नही है जो अंदर से लेकर वाहनो के आसपास लटके और वाहन की छत में सामनों की तरह बैठा कर चालक वाहन चला रहा हैं क्या पुलिस विभाग की तीन पहिया चार पहिया वाहनो में बैठे लोगों के जीवन से कोई हमदर्दी नहीं हैं जो उन वाहनो को रोक कर उन ओवरलोड वाहन और वाहन मालिको पर शक्त से शक्त कार्यवाही करनी की अवस्कता क्यो नहीं जो चंद पैसो के लिए लोगों की जान से खेलते सरेआम सड़को में दोड़ रहें और ये सब स्थानीय पुलिस विभाग और परिवहन विभाग को नज़र नहीं आ रहा हैं आख़िर क्यो बड़ा सवाल है