बेटियों ने किया पिता का अंतिम संस्कार… रूढ़िवादिता को तोड़ बच्चियों ने दी मुखाग्नि
रेवांचल टाइम्स मंडला/ आज की इक्कीसवीं सदी में जहां एक ओर समाज में ज्यादातर लोग रूढ़िवादी बने हुए हैं। तो वही कुछ एक लोग ऐसे भी हैं, जो शिक्षित होने के साथ साथ रूढ़िवादी समाज से इतर जाकर रूढ़िवादिता की जंजीरों को तोड़ते हुए कुछ अलग करने का हुनर रखते हैं। तो वहीं आज के इस रूढ़िवादी समाज को एक सभ्य और अच्छी शिक्षा देने की सीख भी देते हैं। ऐसा ही कुछ किया मंडला की तीन बेटियों ने जिन्होंने अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होकर पिता को मुखाग्नि दिया। और आज के समय में पुरानी सोच को बदलने के साथ ही साथ समाज में लड़के लड़कियों में भेद न करने की शिक्षा भी रूढ़िवादी समाज को दी।
मंडला सरदार पटेल वार्ड निवासी अमोद चंद्रोल जो पिछले कुछ महीनों से नागपुर के निजी अस्पताल में इलाजरत थे। ब्रेन स्ट्रोक होने की वजह से गुरुवार की सुबह करीब 3 बजे उनका आकस्मिक निधन हो गया। निधन की खबर सुन जहां परिवार वाले और उनके रिश्तेदार साथी संबंधी स्तब्ध हो गए तो वही स्वर्गीय चंद्रोल जी अपने पीछे अपने परिवार में बीबी और तीन बच्चियों को छोड़ गए। गुरुवार को जब देवदरा मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया तो उसमें बहुत से लोग शामिल होकर के उनको अंतिम बिदाई दी। अंतिम बिदाई के दौरान उनकी तीनों बेटियां पूजा पटेल, रीना चंद्रौल और प्रिया चंद्रौल ने भी अंतिम संस्कार में शामिल होकर के अपने पिता को मुखाग्नि देते हुए अपने पिता को अंतिम प्रणाम किया। और आज के इस रूढ़िवादी समाज के नजरिया को बदलने की सीख दी की लड़के और लड़कियों में कोई अंतर नहीं होता।