ग्रामीण अंचलों में छेरछेरा पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया

दैनिक रेवांचल टाइम्स – बजाग आदिवासी बहुल ग्रामीण अंचलों में पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर परंपरागत छेरछेरा (छेरता) पर्व पूरे उत्साह और सामूहिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गांव-गांव में आदिवासी परंपराओं की झलक देखने को मिली।
पर्व के दौरान सुबह से ही छोटे-छोटे बच्चों ने टोली बनाकर गांव और मोहल्लों में भ्रमण किया तथा घर-घर जाकर अनाज एकत्र किया। बच्चों के हाथों में थैले और झोलियां थीं, जिनमें ग्रामीणों ने खुशी-खुशी चावल, दाल, गेहूं सहित अन्य अनाज दान स्वरूप दिए। इस परंपरा को आपसी सहयोग, समानता और सामुदायिक भावना से ग्रामीण अंचलों में नई फसल आने पर त्योहार के तौर पर मनाया जाता है।
शाम ढलने के बाद बच्चों द्वारा एकत्रित अनाज से सामूहिक रूप से भोजन तैयार किया गया। इसके पश्चात सभी ने मिल-बैठकर भोजन ग्रहण किया और पर्व की खुशियां साझा की। इस सामूहिक भोज में बच्चों सहित बड़ों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई।
नगर के आवास मोहल्ले सहित अन्य टोले में भी बच्चों की कई टोलिया अनाज संग्रहित करती नजर आई। पैदल घूम घूम कर बच्चों ने खुशी से झूमते हुए यह त्यौहार मनाया।