लाखों रुपए का स्टाप डेम हुआ स्वाहा, जाँच के अस्वशन के जल्द ही बदल गए अधिकारी के सुर आखिर क्यों
लाखों की लागत से बना स्टांप डेम हुआ क्षतिग्रस्त, ग्रामीणों में आक्रोश...

दैनिक रेवांचल टाइम्स – मंडला, आदिवासी बहुल जिला मंडला हर सरकारी योजना में लूट मची हुई है जहाँ आज निर्माण एजेन्सी ग्राम पंचायत पर ग्राम के जनप्रतिनिधि बन बैठे है ठेकेदार या फिर सरपंच पति देख रहा है पंचायत के काम काज या फिर किसी नेता का कार्यकर्ता ठेकेदार बन पंचायत के सरकारी पैसा को बंदरबांट करने में लगे हुए हैं।
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत मोहगांव की ग्राम पंचायतों हर तरफ ठेकेदारी प्रथा लागू हो चुकी है जहाँ पर निर्माण एजेन्सी ग्राम पंचायत पर वह कार्य न करते हुए पंचायत के कार्य ठेकेदारों से करवाया जा रहा है जिसका नतीजा लोगो के सामने है ग्रामीणों को मिलने वाली मुलभूत सुविधाओं में लूट मची हुई है और केवल कार्या में लीपापोती कर गुणवत्ता की अनदेखी कर सरपंच सचिव रोज़गार सहायक और उपयंत्री साठगांठ कर कमीशन पर कार्यो को ठेकेदार को दे रहे है और उनसे कमीशन बसूल रहे है वैसा ही एक मामला सामने आया है जहाँ पर ग्राम पंचायत पिपारिया रैयत के सरपंच और सचिव कैलाश साहू ने ग्राम छपरा टोला के नाले में लाखों के स्टॉप डेम बनने की जिम्मेदारी ठेकेदार को सौप दी गई ठेकेदार ने जो स्टाप डेम बनाया वह दो साल भी नही रुक सका ओर न ही उस लाखो के स्टाप डेम में कभी पानी रुका आज किस कदर स्टॉप डेम के हालत है वह तो मोके के हालत ही बतला रहे कि जो स्टॉप डेम किसानों को सिंचाई सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से शासन द्वारा बारह लाख रुपए खर्च कर छपरा टोला में विगत वर्ष 2023 में स्टांप डेम का निर्माण कराया गया था लेकिन हैरानी की बात यह है कि महज दो साल में ही लाखों रुपए से बनाया गया स्टॉप डेम क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे न केवल सरकारी धन की बर्बादी हुई है, बल्कि स्थानीय किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। जिस बात को लेकर के ग्रामीणों में भारी जनाक्रोश हैं, वही स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी पैसों का पंचायत वालों ने मोहगांव के ठेकेदार और बड़े साहबों के साथ मिल कर बर्बादी की हैं।
ठेकेदार पर मेहरबान हुए सरपँच सचिव और उपयंत्री
वर्ष 2023 में निर्माण किया गया स्टॉप डेम पहली बारिश भी नही झले सका पहले वर्ष की बारिश ने ठेकेदार और उसमें किया गया गुणवत्ता पूर्ण कार्य की पोल खोलकर रख दी गई और महज दूसरे साल में ही तास के पत्तों की तरह ढहढहा कर बारिश के पहले ही टूट गया जिसमें सरकारी दावो की पोल आसानी से खुल गई।
कुछ स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में जमकर लापरवाही बरती गई। सचिव कैलाश साहू जिन जिन ग्राम पंचायतों में पदस्थ रहे है उन ग्राम पंचायतों में खुल के भ्रष्टाचार हुआ है और वर्तमान में भी वही हुआ है स्टॉप डेम में मानक गुणवत्ता का ध्यान बिल्कुल भी नहीं रखा गया रेत की जगह काली डस्ट का उपयोग किया गया और घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। जिस वजह से बारिश के पहले डेम की दीवारें दरक गईं, और अत्यधिक पानी रिसने लगा था जिस वजह से पूरा डेम बेकार हो गया है।
“ग्रामवासियों का कहना है कि हमको बड़ी आस थी कि डेम बनने से सालभर खेतों में पानी मिलेगा, पानी की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध होने से हम छोटे छोटे किसानों के खेत की उपज बढ़ेगी जिससे हम सभी को लाभ होगा। लेकिन ये तो दो साल भी नहीं चला और पूरी तरह से बर्बाद हो गया और सरपंच सचिव उपयंत्री जो गुणवत्ता देखने कभी मोके में पहुँचा ही नही केवल कमीशन को ध्यान में रख कर गबर बैठे ही मूल्यांकन कर शासकीय राशि मिल बाट कर बंदरबांट कर डाली जानकारी लगने के बाद भी प्रशासन मौन है।”यह डेम अगर ईमानदारी से बना होता तो सालों तक काम करता, लेकिन भ्रष्टाचार ने सब चौपट कर दिया।”
जिम्मेदारों सरपंच सचिव और उपयंत्री पर कार्रवाई की मांग
ग्रामीणजनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस डेम की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी सरपंच सचिव रोज़गार सहायक और उपयंत्री पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाये जिससे कि सरकारी पैसों की भरपाई हो सके और पुनः स्टॉप डेम का निर्माण करवाया जाए जिससे कि हम किसानों को उसका लाभ मिल सकें। साथ ही निर्माण एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग भी की जा रही है।
वही प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठना लाजमि हैं।
वही स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की भूमिका भी इस मामले में संदिग्ध मानी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के समय शिकायतों के बावजूद किसी ने ध्यान नहीं दिया जिसके परिणाम स्वरूप डेम टूट गया और जब इस बात की जानकारी अधिकारियों को दी गई तो कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है।
वही स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही मरम्मत कार्य और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की जायेगी तो हम जन आंदोलन शुरू करेंगे। साथ ही मीडिया से भी अपील की है कि वे इस मुद्दे को जोरशोर से उठाएं ताकि दोषियों को सजा मिल सके। वही जब संबंधित अधिकारी से इस सम्बद्ध में बात की गई तो उन्होंने कुछ और ही जवाब फोन के माध्यम से अवगत करवाया गया। जनपद सीईओ साहब ने एक नई कहानी बतलाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सड़क के ठेकेदार द्वारा स्टॉप डेम को क्षतिग्रस्त किया गया हैं। जबकि उस जगह पर ऐसी कोई सड़क दूर दूर तक देखने को आसपास नहीं मिलती जहां पर स्टाप डेम तक सड़क पहुंच मार्ग हो अब सवाल यहां यह खड़ा होता हैं कि जहां पर प्रधानमंत्री सड़क ही नहीं तो फिर ऐसा कौन सा ठेकदार है जो स्टाप डेम को क्षति पहुंचा दिया। यह तो आने वाले समय में देखने वाली बात होगी..??
जल्द ही बदल गए जिम्मेदार अधिकारी सुर आखिर क्यों
वही जब भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े गुणवत्ता हीन स्टॉप डेम की बात जनपद पंचायत मोहगांव के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पूरा मामला बतलाया कि शासकीय राशि से ग्राम पंचायत के ग्राम छपरा टोला में निर्माण एजेन्सी कार्य न करते हुए ठेकेदारी प्रथा से बनाया गया स्टॉप डेम जो कि कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार भेंट चढ़ गया बनते ही ढहने लगा था और आखिरकार वह कुछ समय मे वह जर्जर अवस्था मे पुहंच गया वह अब ढह गया जिसकी जानकारी जनपद के जिम्मेदार अधिकारी को दी गई उन्हें पूरी जानकारी देकर बतलाया गया तो उनके द्वारा कहा गया कि मामले को आपके माध्यम से संज्ञान में लेकर दोषियों पर उचित कार्यवाही की जावेंगी वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उइके जी के द्वारा सुबह होते ही ग्राम पंचायत के सचिव को कार्यालय बुलवाया और आपस मे क्या बात हुई कि दूसरे दिन से अधिकारी के सूर ही बदल गए जहाँ नाले में स्टॉप डेम टूट कर जर्जर हो गया वहाँ से दूर दूर तक प्रधानमंत्री सड़क का कभी निर्माण कार्य किया ही नहीं गया फिर सी ओ साहब किस प्रधानमंत्री सड़क के ठेकेदार से बात कर ली और क्या सी ओ साहब मोके में जाकर निरीक्षण किया या फिर सरपंच सचिव ने जनपद में बैठे बैठे ही निरीक्षण करवा का जांच पूरी करवा ली गई यह बड़ा सवाल की अगर जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी गिरगिट की तरह रंग बदल लगे तो भ्रस्टाचार और भ्रस्टो के हौसले तो दिन ब दिन बुलन्द होना तय है। खेर मंडला जिले का यह कोई पहला मामला नही है जहाँ पर सरकारी राशि में भ्रष्टाचार या ठेकेदारी नही की है इस जिले में तो नियम कानून को ताक में रख हर वह नाजायज कार्य जायज़ तरीके से किया जा रहा हैं क्योंकि इस जिले में जिम्मेदार गहरी नींद में सो रहे हैं।
इनका कहना है कि….
मेरे संज्ञान में मामला हैं हुआ यह है कि प्रधानमंत्री सड़क के ठेकेदार ने स्टॉप डेम को क्षति ग्रस्त कर दिया हैं। जिसका मौखिक आश्वाशन उनके द्वारा हमको मिला है कि जल्द ही सुधार कार्य करवा कर के ठीक कर दिया जायेगा। मैं तुरंत ही संबंधितों को एक लिखित नोटिस जारी कर स्टाप डेम को मरमंत करवाने को कहता हूं।
कृष्ण कांत उईके
जनपद सीईओ मोहगांव मंडला
मैं अभी कोई बात नहीं कर सकता न ही इस विषय में जानकारी दे पाऊंगा, मैं आपको कल 12 बजे तक फ़ोन लगाता हूं।
कैलाश साहू
सचिव ग्राम पंचायत
पिपरिया मोहगांव मंडला