नवविवाहिता को न्याय दहेज हत्या के दोषियों को उम्रकैद की सजा

रेवांचल टाइम्स​ छिंदवाड़ा|परासिया के बहुचर्चित नवविवाहिता पल्लवी हत्याकांड में न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए समाज में कड़ा संदेश दिया है। दहेज के लिए प्रताड़ित कर मौत के घाट उतारने वाले पति और जेठ को अपर सत्र न्यायाधीश गौतम कुमार गुजरे ने आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
*​दहेज की मांग और मानसिक प्रताड़ना का अंत*
​मामला 31 मार्च 2024 का है, जब बांध मोहल्ला परासिया निवासी 24 वर्षीय पल्लवी पति नितिन गौतम ने जहर का सेवन कर लिया था। पुलिस की सूक्ष्म जांच में यह तथ्य सामने आया कि शादी के बाद से ही पति नितिन और जेठ शेखर गौतम द्वारा मृतिका को दहेज की मांग और पुराने एक्सीडेंट की बातों को लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी प्रताड़ना से तंग आकर पल्लवी ने आत्मघाती कदम उठाया था।
*​पुलिस की सक्रियता और प्रभावी पैरवी*
​पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के दिशा-निर्देशों के चलते विवेचना अधिकारी एसडीओपी परासिया, जितेन्द्र सिंह जाट ने मामले की गंभीरता से जांच की।
​धारा: 304B, 34 भादवि के तहत अपराध सिद्ध।
​सजा दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास एवं 3-3 हजार रुपये का अर्थदंड।
​अभियोजन शासन की ओर से सशक्त पैरवी लोक अभियोजक दुर्गेश विश्वकर्मा द्वारा की गई।
​”न्यायालय का यह फैसला अपराधियों के मन में खौफ पैदा करेगा। महिला सुरक्षा और त्वरित न्याय हमारी प्राथमिकता है।” पुलिस प्रशासन,छिंदवाड़ा
​जांच टीम होगी पुरस्कृत
​सटीक साक्ष्य जुटाने और समय सीमा में विवेचना पूर्ण कर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचाने वाली टीम को पुलिस अधीक्षक छिंदवाड़ा ने पुरस्कृत करने की घोषणा की है। इस फैसले के बाद क्षेत्र में पुलिस और न्यायपालिका के प्रति विश्वास और सुदृढ़ हुआ है।

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