रसोइयों ने आंदोलन के साथ सौंपा चेतावनी ज्ञापन

नियमित रोजगार व जून माह का मानदेय नहीं मिला तो करेंगे ‘हल्ला बोल’


दैनिक रेवांचल टाईम्स | मंडला।जिले के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में संचालित मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में चल रहे साझा चूल्हा कार्यक्रम से जुड़े रसोइयों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शनिवार 31 जनवरी को कलेक्ट्रेट परिसर के पास एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को चेतावनी ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में रसोइयों ने बताया कि बार-बार निवेदन के बावजूद उन्हें हर माह निर्धारित तिथि पर मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है। वर्तमान में मिल रहे मात्र 4000 रुपये प्रतिमाह के मानदेय से परिवार का भरण-पोषण करना असंभव हो गया है। रसोइयों ने मांग की कि मानदेय बढ़ाकर कलेक्टर दर पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
रसोइयों ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से जून माह की भीषण गर्मी में कार्य कराने के बावजूद मानदेय का भुगतान नहीं किया गया, जो श्रम शोषण की श्रेणी में आता है। उन्होंने बकाया जून माह का मानदेय तत्काल भुगतान करने की मांग की है।
इसके अलावा बिना किसी स्पष्ट कारण के कुछ रसोइयों को कार्य से पृथक कर दिया गया है, जिन्हें पुनः कार्य पर लिए जाने की मांग की गई। रसोइयों ने स्पष्ट किया कि कम दर्ज संख्या, स्कूल मर्ज किए जाने या किसी अन्य बहाने से रोजगार से बाहर करना अन्यायपूर्ण है।
साझा चूल्हा कार्यक्रम के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यरत रसोइयों को वर्तमान में दिए जा रहे 500 रुपये प्रतिमाह को भी बढ़ाकर कलेक्टर दर पर भुगतान किए जाने की मांग की गई।
रसोइयों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो वे भोजन पकाने का कार्य बंद कर ‘हल्ला बोल’ आंदोलन के साथ सरकार की नीतियों का पुरजोर विरोध करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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