दैनिक रेवांचल टाइम्स की ख़बर का असर…अश्लील डांस करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर दुर्गेश यादव की सेवा समाप्त
डिजिटल मीडिया में वीडियो वायरल होने के बाद सहकारिता विभाग की कार्रवाई

दैनिक रेवांचल टाइम्स – मंडला/ विगत दिनों मंडला जिले के विकास खंड मोहगांव के अंतर्गत आने वाले ग्राम सिंगारपुर सहकारी समिति के एक शासकीय कार्यालय में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा बार बालाओ के साथ अश्लील डांस करते हुए बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर जम कर वायरल हुआ था। जिसको लेकर दैनिक रेवांचल टाइम्स अख़बार ने अश्लीलता फैलाने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर की करतूतों को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। ख़बर प्रकाशन होने के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। वायरल वीडियो में ऑपरेटर सरकारी समिति सिंगारपुर में पदस्थ दुर्गेश यादव के द्वारा अश्लील हरकतें करते हुए नजर आ रहा था, जिससे विभाग की छवि धूमिल हुई।
वही सूत्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला सहायक आयुक्त सहकारिता के द्वारा मोहगांव सहकारिता विस्तार अधिकारी को जांच के लिए अधिकृत किया गया था। जांच में प्रथम दृष्टया कर्मचारी का आचरण शासकीय सेवा नियमों के विरुद्ध पाया गया। और सिंगारपुर सहकारी समिति में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर दुर्गेश यादव के विरुद्ध आरोपों की पुष्टि होने पर कृत्य गंभीर दुराचरण की श्रेणी का पाया गया। जिसके उपरांत सहकारी समिति सेवनियम 2013 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही करते हुए संबंधित कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई।
सेवा समाप्ति को लेकर जब जिला के सक्षम अधिकारियों से रेवांचल टाइम्स की टीम ने बात की तो प्रशासकीय अधिकारी ने कहा कि शासकीय कार्यालय अनुशासन और मर्यादा का स्थान है, वहां इस प्रकार की हरकतें किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
*सरकारी सिस्टम में ‘डांसिंग ऑपरेटर’ की एंट्री*
सरकारी दफ्तरों में अब तक फाइलें चलती थीं, अब रीलें भी चलने लगी हैं। कुर्सी पर बैठकर टाइप करने की जगह साहब ने स्टेप्स दिखाने शुरू कर दिए। लगता है कंप्यूटर ऑपरेटर नहीं, “कल्चर ऑपरेटर” बन गए थे।
सरकार ने सोचा था डिजिटल इंडिया बनेगा, पर यहां तो “डांस इंडिया डांस” शुरू हो गया। की-बोर्ड की जगह कमर हिलाई जा रही थी और माउस की जगह मोबाइल कैमरा पकड़ा गया।
आखिरकार प्रशासन ने याद दिलाया कि आप एक आम नागरिक के साथ ही साथ समाज के एक जिम्मेदार नागरिक भी हैं और ये मंच नहीं, कार्यालय है। यहां परफॉर्मेंस नहीं, काम दिखाना होता है।
अब साहब बेरोजगार होकर सोच रहे होंगे –
काश, डांस स्टेज पर किया होता, तो शायद ट्रॉफी मिलती… दफ्तर में किया, तो टर्मिनेशन मिल गया।