स्वदेशी निवेश से बदलेगी देश की सूरत: छिंदवाड़ा के युवा का विजन, व्यापारियों को दुकान और किसानों को सालभर पानी

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रेवांचल टाइम्स ​छिंदवाड़ा

जितेन्द्र अलबेला

देश के व्यापारिक ढांचे और कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के संकल्प के साथ छिंदवाड़ा के एक जागरूक नागरिक शिवकुमार बंदेवार ने एक ‘मास्टर प्लान’ तैयार किया है।

पूर्णत स्वदेशी निवेश पर आधारित इस परियोजना का लक्ष्य व्यापारियों को किराए के बोझ से मुक्ति दिलाना और देश की नदियों को जोड़कर किसानों की किस्मत बदलना है। इस अभिनव विजन को लेकर अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की तैयारी की जा रही है।

​व्यापारियों को किराए के जाल से मिलेगी मुक्ति

​परियोजना का मुख्य स्तंभ देश के हर छोटे-बड़े व्यापारी को सरकारी दर पर निजी दुकान उपलब्ध कराना है। वर्तमान में लाखों व्यापारी भारी किराए के कारण आर्थिक दबाव में हैं या सड़कों और फुटपाथों पर व्यवसाय करने को मजबूर हैं।

यह योजना

​अमीर-गरीब का भेद मिटाकर सबको समान अवसर देगी।

​बिना किसी भेदभाव के आवश्यकतानुसार दुकान सुनिश्चित करेगी।

​व्यापारियों के मासिक खर्च को कम कर उनकी बचत और निवेश क्षमता बढ़ाएगी।

​300 लाख करोड़ का स्वदेशी निवेश और ‘नदी जोड़ो’ अभियान

​इस मॉडल का सबसे अद्भुत पहलू इसका वित्तीय ढांचा है।

योजना के माध्यम से

​देश में लगभग 300 लाख करोड़ रुपये का स्वदेशी निवेश स्वत सृजित होगा।

​सरकार को विकास शुल्क के रूप में करीब 50 लाख करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।

​बिना किसी सरकारी कर्ज के, इस राशि का उपयोग देश की सभी नदियों को आपस में जोड़ने और उन्हें निर्मल बनाने में किया जा सकेगा।

​इससे देश के हर खेत तक सालभर सिंचाई का पानी पहुँचेगा, जिससे कृषि क्षेत्र में अभूतपूर्व उन्नति होगी।

​सांसद के सहयोग से प्रधानमंत्री तक पहुँचेगी आवाज

​”कोई व्यक्ति बड़ा या छोटा नहीं होता, बल्कि उसका विजन उसे पहचान दिलाता है।” इसी सोच के साथ छिंदवाड़ा का यह नागरिक स्थानीय सांसद के माध्यम से प्रधानमंत्री से मिलने का इच्छुक है। उनका मानना है कि यदि इस विजन को धरातल पर उतारा गया, तो भारत बिना किसी विदेशी ऋण के आत्मनिर्भरता की नई परिभाषा लिखेगा।

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