अतिथि शिक्षकों में बढ़ रहाआक्रोश….?
दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मंडला, जिले के वर्ग-1, 2, 3 परीक्षा पास करने के बावजूद नियमित नियुक्ति का इंतजार, महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान
मंडला। शिक्षक चयन परीक्षा वर्ग-1, 2 एवं 3 उत्तीर्ण कर चुके सैकड़ों अतिथि शिक्षक अभी भी सरकारी स्कूलों में नियमित पद पर नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। खासकर महिला अतिथि शिक्षकों की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है। इनके पास वर्षों का अनुभव प्रमाण-पत्र है, फिर भी शासन-प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिले के कई विकासखंडों में ये शिक्षक निराशा और आक्रोश के साथ सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब होगी उनकी नियमित नियुक्ति?
अतिथि शिक्षकों ने वर्ग-1, और 3 की परीक्षा पास कर ली है ऐसे कई अतिथि शिक्षक फिलहाल स्कूलों में कार्यरत नहीं है और कुछ कार्यरत हो सकते हैं।कई महिलाओं ने घर-परिवार की जिम्मेदारियां संभालते हुए भी इन परीक्षाओं को पास किया, लेकिन नियमित पद नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। एक महिला अतिथि शिक्षिका ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, हमारे पास अनुभव प्रमाण-पत्र हैं, हमने परीक्षा पास कर ली है, लेकिन परीक्षा पास करने के बाद सरकारी स्कूलों में नियमित नियुक्ति नहीं की जा रही है नियमित शिक्षक बनने के बाद स्थिर वेतन, पेंशन और अन्य सुविधाएं मिलतीं, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही।
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि प्रदेश स्तर पर नियमित भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन जो परीक्षा पहले ही पास कर चुके हैं, उन्हें सीधे नियमित पद पर पदस्थापना क्यों नहीं की जा रही? वे मांग कर रहे हैं कि परीक्षा उत्तीर्ण सभी अतिथि शिक्षकों को तत्काल नियमित शिक्षक के रूप में सरकारी स्कूलों में नियुक्त किया जाए।
विधानसभा में कौन उठाएगा मुद्दा?
अतिथि शिक्षक लगातार पूछ रहे हैं कि जिले के विधायक इस मुद्दे को विधानसभा में क्यों नहीं उठा रहे? उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो वे सामूहिक रूप से ज्ञापन सौंपने और प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। एक अतिथि शिक्षक ने कहा, “हम महिलाओं के साथ अन्य साथियों की मांग है कि विधानसभा सत्र में इस विषय पर प्रश्न पूछा जाए और सरकार को घेरा जाए।”
मंडला जिले के कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अतिथि शिक्षक वर्षों से इन स्कूलों को संभाल रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थायी रोजगार नहीं मिल रहा।
अतिथि शिक्षकों की मांग है कि शासन तत्काल कदम उठाए और परीक्षा पास करने वाले सभी योग्य अतिथि शिक्षकों, खासकर महिलाओं को नियमित पद पर नियुक्त कर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए। यदि यह मुद्दा जल्द नहीं सुलझा तो जिले में आंदोलन की आशंका बढ़ गई है।