देशी बबूल से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त, अवैध परिवहन पर वन विभाग की सख्त कार्रवाई
दैनिक रेवांचल टाइम्स बजाग – वन परिक्षेत्र बजाग एवं सामान्य वन मंडल डिंडोरी अंतर्गत शुक्रवार को रात्रि गश्ती के दौरान वन विभाग ने अवैध लकड़ी परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए देशी बबूल से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रमांक MP09AC3676 को जब्त किया। यह कार्रवाई वनमण्डलाधिकारी डिंडोरी सामान्य अशोक सोलंकी एवं उपवनमण्डल अधिकारी गाड़ासरई सामान्य सुरेंद्र जाटव, के निर्देशन में की गई।
मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर वन अमले ने मिडिली से भानपुर मार्ग पर राइस मिल के समीप वाहन को रोककर जांच की। जांच के दौरान चालक द्वारा लकड़ी परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। दस्तावेजों के अभाव में अवैध परिवहन का प्रकरण क्रमांक 1119/18 दिनांक 20-02-2026 को पंजीबद्ध कर वाहन सहित देशी बबूल की लकड़ी जब्त कर ली गई।
वन विभाग ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में ग्रामीण क्षेत्रों से देशी बबूल के वृक्षों को काटकर अवैध रूप से परिवहन किए जाने की बात सामने आई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की अवैध कटाई और परिवहन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वन अधिकारियों के अनुसार देशी बबूल का वृक्ष पर्यावरण और कृषि दोनों दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसकी जड़ें नाइट्रोजन स्थिरीकरण में सहायक होती हैं, जिससे भूमि की उर्वरता बढ़ती है। यह वृक्ष कार्बन अवशोषित कर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सूखा सहनशील होने के कारण यह कम वर्षा वाले क्षेत्रों में भी आसानी से विकसित होता है। इसकी लकड़ी मजबूत होती है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ईंधन और अन्य उपयोगों में काम आती है। साथ ही इसकी पत्तियां पशु चारे के रूप में तथा छाल और गोंद औषधीय उपयोग में भी लाई जाती हैं।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बबूल सहित किसी भी वृक्ष की कटाई नियमानुसार प्रक्रिया का पालन करते हुए ही की जानी चाहिए। इसके लिए सर्वप्रथम ग्राम पंचायत से ऑनलाइन अनुमति प्राप्त करना आवश्यक है, तत्पश्चात वन विभाग से विधिवत अनुज्ञापत्र लेकर ही लकड़ी का परिवहन किया जा सकता है। बिना अनुमति और अनुज्ञापत्र के लकड़ी काटना या परिवहन करना दंडनीय अपराध है। विभाग ने यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में लगे बबूल वृक्षों को काटकर विक्रय करने की होड़ देखी जा रही है, जिसमें कई मामलों में नियमों की अनदेखी की जा रही है।
वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि हरे-भरे वृक्षों की कटाई से बचें तथा केवल सूखे या आयु पूर्ण कर चुके वृक्षों का ही उपयोग करें, ताकि पर्यावरण संरक्षण और वृक्ष संपदा सुरक्षित रह सके।
कार्यवाही के दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी हर्षित सक्सेना, वनपाल अजय मुकुंद पोल,वनरक्षक जगदीश प्रसाद बांधव, रामपाल मरावी,नरेश कुमार मरावी, वाहन चालक पंचम नंदा उपस्थित रहे।