ग्राम पंचायत बजाग में संकल्प से समाधान अभियान शिविर आयोजित, हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के लाभ वितरित

दैनिक रेवांचल टाईम्स – बजाग संकल्प से समाधान अभियान के अंतर्गत जनपद स्तरीय शिविर का आयोजन ग्राम पंचायत बजाग प्रांगण में किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रूद्रेश परस्ते, जनपद पंचायत अध्यक्ष बजाग फूलकली मरावी, उपाध्यक्ष राधेश्याम कुशराम, जनपद सदस्य लोकेश पटेरिया, कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, एसडीएम बजाग रामबाबू देवांगन सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती मां के तैलचित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन एवं कन्या पूजन के साथ किया गया।
संकल्प से समाधान अभियान का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर आमजन की छोटी-छोटी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। शिविर में विभागों द्वारा शासकीय योजनाओं की जानकारी दी गई, ताकि अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं का लाभ मिल सके।
शिविर में विभिन्न विभागों के माध्यम से हितग्राहियों को लाभ भी प्रदान किए गए। राजस्व विभाग अंतर्गत फौती नामांतरण के 03, बटवारा के 01 तथा सीमांकन के 01 प्रकरणों का निराकरण किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा अनुग्रह सहायता सामान्य मृत्यु के 20 हितग्राहियों को प्रति हितग्राही 2 लाख रुपये की स्वीकृति तथा 01 प्रकरण में 4 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई।
सामाजिक न्याय विभाग के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 69 हितग्राहियों को 600 रुपये प्रतिमाह की स्वीकृति प्रदान की गई। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 41 स्व-सहायता समूहों को सीसीएल ऋण के रूप में 1.40 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। वहीं प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 4 हितग्राहियों को 4.50 लाख रुपये के ऋण स्वीकृति आदेश प्रदान किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लाड़ली लक्ष्मी योजना के 7 हितग्राहियों को 7 लाख रुपये के स्वीकृति आदेश वितरित किए गए। इस प्रकार कुल 1723 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।
शिविर में अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इस प्रकार के शिविरों से आम जनता को शासन की योजनाओं का लाभ सीधे मिल रहा है तथा उनकी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही सुनिश्चित किया जा रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने कहा कि संकल्प से समाधान अभियान के माध्यम से जिले के सभी विकासखंडों में शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि आम जनता की स्थानीय समस्याओं का निराकरण मौके पर ही किया जा सके और लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने कहा कि इसी के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान को भी प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत विकासखंड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर कुएं, बावड़ी, नदी-नालों और पुराने जल स्रोतों का संरक्षण एवं पुनर्जीवन किया जा रहा है, ताकि वर्षा जल का संचयन हो सके और ग्रामवासियों को पेयजल सहित अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सके।
वही कलेक्टर ने कहा कि जल स्रोतों के संरक्षण से किसानों, पशुपालकों और स्थानीय लोगों को भी लाभ मिलेगा। इससे सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी तथा मछली पालन जैसे कार्यों के माध्यम से ग्रामीणों को स्वरोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकेंगे।