जिम्मेदारों की बेहोशी के कारण पानी के लिए मची त्राहि-त्राहि!

जल जीवन मिशन पर सवाल, पाइपलाइन बिछी पर घरों तक नहीं पहुंच रहा पानी

दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला।मध्य प्रदेश के मंडला जिले में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। जिले के कई गांवों और कस्बों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। हालात इतने खराब हो गए हैं कि जगह-जगह नागरिकों द्वारा विरोध प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन समस्या का स्थायी समाधान करने में असफल नजर आ रहा है।
सबसे ज्यादा सवाल जल जीवन मिशन के कामों पर उठ रहे हैं। इस योजना का उद्देश्य हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था, लेकिन मंडला जिले में यह योजना भी अव्यवस्था और लापरवाही की भेंट चढ़ती दिखाई दे रही है। कई स्थानों पर पाइपलाइन तो बिछा दी गई है, लेकिन पानी की आपूर्ति शुरू ही नहीं हो पाई है। कहीं पाइपलाइन अधूरी है तो कहीं नल कनेक्शन सही तरीके से नहीं किए गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई घरों में पाइप तो लगा दी गई, लेकिन नल के लिए कोई मजबूत फाउंडेशन नहीं बनाया गया। कई जगह केवल पाइप खड़ी कर दी गई है, जिससे व्यवस्था पूरी तरह अधूरी और अव्यवस्थित दिखाई देती है। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि कामों में गुणवत्ता और निगरानी दोनों का अभाव रहा है।
भ्रष्टाचार और धांधली के आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि जल जीवन मिशन के कई कामों में धांधली और अनियमितता की आशंका है। आरोप है कि योजना के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन जमीन पर उसका अपेक्षित लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
गर्मी से पहले समाधान की मांग
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में जल जीवन मिशन के कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जहां भी गड़बड़ी सामने आए वहां जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या का तत्काल समाधान किया जाए, ताकि आने वाले गर्मी के मौसम में लोगों को गंभीर संकट का सामना न करना पड़े।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में पानी को लेकर जनआक्रोश और बढ़ सकता है। इसलिए शासन-प्रशासन को अब जागकर ठोस और परिणामकारी कदम उठाने की जरूरत है।

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