मंडला में अवैध कारोबार का जाल: पुलिस की खामोशी पर उठे सवाल

पवित्र नगरी मंडला में अवैध कारोबार का साम्राज्य!”
क्या पुलिस की चुप्पी से फल-फूल रहा जुआ, सट्टा, शराब और रेत माफिया?

दैनिक रेवांचल टाइम्स, मंडला।मंडला जिला, जिसे कभी “पवित्र नगरी” का दर्जा देते हुए माँ नर्मदा तट के आसपास शराब बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया था, आज उसी जिले में अवैध कारोबार खुलेआम पनप रहा है। सवाल यह है कि आखिर किसके संरक्षण में यह पूरा खेल चल रहा है?


गली-गली जुआ-सट्टा, घर-घर पहुंच रही अवैध शराब
सूत्रों के अनुसार, जिले के लगभग हर थाना क्षेत्र में जुआ और सट्टा धड़ल्ले से संचालित हो रहा है।
नगर और उपनगरीय क्षेत्रों में होटल-ढाबों से लेकर मोहल्लों तक अवैध शराब की सप्लाई की जा रही है।
बताया जा रहा है कि प्रतिबंध के बावजूद—
बेनामी तरीके से बड़ी संख्या में शराब की बिक्री
ठेकेदारों द्वारा “कुचियों” के जरिए घर-घर डिलीवरी
प्रशासनिक नियंत्रण पूरी तरह कमजोर
रेत माफिया बेखौफ — रातभर दौड़ते ओवरलोड डंपर
सूत्रों के अनुसार, जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन भी चरम पर है।
शाम ढलते ही ओवरलोड डंपरों की कतारें निकल पड़ती हैं और पूरी रात बिना रोक-टोक रेत का परिवहन होता है।
सबसे चौंकाने वाली बात—
यह वाहन कई बार थानों और चौकियों के सामने से गुजरते हैं
फिर भी कार्रवाई न के बराबर
उठ रहे गंभीर सवाल
क्या अवैध कारोबार पर लगाम लगाने में सिस्टम पूरी तरह नाकाम है?
या फिर कहीं न कहीं मौन स्वीकृति का खेल चल रहा है?
आखिर क्यों नहीं हो रही सख्त और लगातार कार्रवाई?
आवाज उठाने वालों पर दबाव?
सूत्रों के अनुसार, जो लोग या पत्रकार इन मुद्दों को उठाने की कोशिश करते हैं, उन्हें कथित रूप से दबाव या धमकियों का सामना करना पड़ता है।
अगर यह सच है, तो यह न केवल कानून व्यवस्था बल्कि लोकतंत्र के लिए भी गंभीर खतरे का संकेत है।
जनता में आक्रोश, जवाब की मांग
अब आमजन सवाल पूछ रहा है—
पवित्र नगरी की पहचान आखिर कहां खो गई?
अवैध कारोबार पर रोक कब लगेगी?
जिम्मेदार कौन है?
मांग — निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई
जनता की मांग है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
“मंडला में कानून का डर खत्म?” — अब जवाब देना होगा!

Leave A Reply

Your email address will not be published.