मड़िया टोला में जल जीवन मिशन की खुली पोल
मानकों को दरकिनार कर बिछाई जा रही पाइपलाइन, जिम्मेदार बेखबर
दैनिक रेवांचल टाइम्स नारायणगंज (मंडला)।जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन जनपद पंचायत नारायणगंज की ग्राम पंचायत गूजरसानी के मड़िया टोला में यह योजना अपनी मूल भावना से भटकती नजर आ रही है।
मड़िया टोला में पाइपलाइन बिछाने के कार्य में भारी लापरवाही सामने आई है। ठेकेदार द्वारा कार्य को बिना तकनीकी मानकों का पालन किए मनमाने तरीके से अंजाम दिया जा रहा है। कई स्थानों पर पाइपलाइन जमीन के ऊपर या बेहद कम गहराई में दिखाई दे रही है, जो भविष्य में बड़े नुकसान का संकेत है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पाइपलाइन को निर्धारित गहराई में बिछाना अनिवार्य होता है ताकि वह बाहरी दबाव, तापमान परिवर्तन और यातायात से सुरक्षित रह सके। लेकिन यहां नियमों की खुली अनदेखी करते हुए कार्य किया जा रहा है, जिससे लीकेज और पाइप टूटने की संभावना बढ़ गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार की मनमानी पर रोक लगाने वाला कोई नहीं है। जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजों में निरीक्षण दिखाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर रहे हैं, जबकि हकीकत में मौके पर कोई निगरानी नहीं हो रही।
इस लापरवाही का सीधा असर ग्रामीणों पर पड़ सकता है। यदि पाइपलाइन इसी तरह उथली और असुरक्षित तरीके से बिछाई गई, तो आने वाले समय में बार-बार मरम्मत, जल आपूर्ति में बाधा और पानी की कमी जैसी समस्याएं आम हो जाएंगी।
यह मामला न केवल योजना के उद्देश्यों पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि निगरानी और जवाबदेही की कमी किस तरह सरकारी योजनाओं को कमजोर कर रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल स्थल निरीक्षण कराकर पाइपलाइन को मानकों के अनुसार दोबारा बिछाया जाए और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।*
*“नल जल योजना या ‘कल-कल’ समस्या की तैयारी?”*
कागजों में पानी घर-घर पहुंच चुका है,
लेकिन जमीन पर पाइप ही बाहर घूम रहे हैं।
शायद मड़िया टोला में नई तकनीक आई है —
“जमीन के अंदर नहीं, ऊपर से पानी सप्लाई”।
अधिकारियों की निगरानी भी कमाल की है,
वे इतनी गहराई से काम देख रहे हैं कि
जमीन के ऊपर दिख रही पाइप भी उन्हें नजर नहीं आ रही।
अगर यही हाल रहा, तो आने वाले समय में
नल से पानी कम और
मरम्मत की खबरें ज्यादा बहेंगी।