जनपद उपाध्यक्ष मंडला संदीप सिंगौर ने दिया इस्तीफा, भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग
जनपद पंचायत मंडला में करोड़ों के घोटाले का आरोप, अधिकारियों पर दबाव बनाने और झूठी शिकायत कराने का लगाया आरोप
दैनिक रेवांचल टाइम्स – मण्डला। जिला मुख्यालय की जनपद पंचायत मंडला इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई है जहाँ जनपद पंचायत और उनके अधीनस्थ ग्राम पंचायतों में हो रहे विकास कार्यों में भ्रष्टाचार गवन जैसे गंभीर आरोप स्वयं जनपद के उपाध्यक्ष लगा रहे है और मंगलवार को होने वाली जिला मुख्यालय में होने वाली जनसुवाई ट्रेक्टर से विरोध जताते हुए पहुंचे और कलेक्टर को आवेदन देकर एक बगिया माँ के नाम पर जो योजना चलाई जा रही है उस योजना में भ्रष्टाचार होने की बात कहते हुए लिखित आवेदन देकर जाच की माँग की गई जहाँ इसके बाद जनपद में हलचल मच गई फिर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने भी एक प्रेस कान्फ़ेस बुलाकर आरोप की झड़ी लगा दी गई और अब संदीप सिंगौर ने जनपद सदस्य एवं जनपद उपाध्यक्ष पद के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह कदम जनपद पंचायत में कथित भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के विरोध में उठाया है।
संदीप सिंगौर ने बताया कि उन्होंने पूर्व में भी जनपद पंचायत मंडला में चल रहे विभिन्न कार्यों में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायत जिला प्रशासन से की थी। उनके अनुसार जनपद पंचायत में “मां की बगिया” योजना सहित कई कार्यों में भारी गड़बड़ी हुई है, जिसमें प्रति पंचायत लगभग 15–15 लाख रुपये तक के कार्यों में अनियमितता और घोटाले की आशंका जताई गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत करने के बाद जनपद पंचायत के कुछ अधिकारियों द्वारा उनके खिलाफ झूठी शिकायतें कराई गईं और उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया। सिंगौर का कहना है कि अधिकारियों द्वारा उन पर प्रताड़ित करने और दबाव बनाने के आरोप लगाए गए, जबकि उन्होंने केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई है।
संदीप सिंगौर ने अपने पत्र में कहा है कि यदि उनके द्वारा लगाए गए आरोप गलत साबित होते हैं तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए, लेकिन यदि जांच में अधिकारी दोषी पाए जाते हैं तो उन पर भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने प्रदेश सरकार और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक वे जनपद उपाध्यक्ष पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं।
पत्र की प्रतिलिपि उन्होंने मुख्यमंत्री, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री, संभागीय आयुक्त, कलेक्टर मंडला तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी है।