बम्हनी थाना के संरक्षण में जुआ का खुला खेल? काता–बरबसपुर खदान बना जुआ का गढ़!

दैनिक रेवांचल टाइम्स – मंडला मंडला जिले में कानून व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार थाना बम्हनी क्षेत्र के ग्राम काता और बरबसपुर खदान के आसपास इन दिनों जुआ का बड़ा फड़ संचालित हो रहा है, जहां दोपहर तीन बजे पूरी रात लाखों के दांव लग रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ कथित तौर पर पुलिस की जानकारी में होते हुए भी खुलेआम चल रहा है।
काता सरपंच पर गंभीर आरोप
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक इस पूरे जुआ फड़ के संचालन में ग्राम पंचायत काता के सरपंच का नाम सामने आ रहा है, जिन पर “नाल काटने” (कमीशन लेकर जुआ खिलाने) के गंभीर आरोप लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि:
दूर-दराज से खिलाड़ी यहां पहुंच रहे हैं
पूरी रात जुआ चलता है
लाखों रुपये के दांव रोज लगते हैं
खिलाड़ियों की व्यवस्था और “सुरक्षा” भी सुनिश्चित की जाती है
पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या थाना बम्हनी पुलिस को इस पूरे खेल की जानकारी नहीं है?
या फिर जानकर भी अनदेखा किया जा रहा है?
क्षेत्र में चर्चा है कि:
जुआ फड़ के संचालक बंजारा और मरावी दोनों नाल काटने का काम किया जा रहा है और संरक्षण देने वालों के बीच “सेटिंग” है, हफ्ता/महीना तय होने की भी बातें सामने आ रही हैं
वही इसी कारण कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा पसरा है, अगर यह सच है, तो यह सीधे-सीधे कानून व्यवस्था पर सवाल नहीं, बल्कि प्रशासनिक संरक्षण में अवैध कारोबार की ओर इशारा करता है।
कौन बन रहा मालामाल?
इस जुआ के खेल में: कोई एक रात में “लखपति” बन रहा है तो कोई सब कुछ हारकर कंगाल लेकिन सबसे ज्यादा फायदा उस “नाल काटने” वाले को हो रहा है, जो तेजी से लखपति से करोड़पति बनने की राह पर बताया जा रहा है।
प्रशासन के लिए चेतावनी
अगर समय रहते इस पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह अवैध जुआ:
अपराधों को बढ़ावा देगा
युवाओं को बर्बादी की ओर धकेलेगा
और क्षेत्र की कानून व्यवस्था को पूरी तरह खोखला कर देगा
रेवांचल टाइम्स का सवाल
क्या पुलिस इस मामले में जांच कर सच्चाई सामने लाएगी?
क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या फिर यह “संरक्षण” यूं ही चलता रहेगा?
दैनिक रेवांचल टाइम्स इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
अब देखना यह है कि प्रशासन जागता है या फिर जुआ का यह खेल और भी बड़ा रूप लेता है।