मण्डला में कृषि विभाग के अधिकारियों के स्थानांतरण की मांग, जनपद सदस्य ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

7 दिनों में कार्रवाई नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन की चेतावनी

 

देनिक रेवाँचल टाईम्स – मण्डला।जनपद पंचायत मण्डला क्षेत्र क्रमांक 14 के जनपद सदस्य हरेन्द्र कुमार मसराम ने कृषि विभाग में पदस्थ कुछ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए उनके स्थानांतरण की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है।

ज्ञापन में बताया गया है कि जिले के कृषि विभाग में पदस्थ कुछ अधिकारियों के कार्यकाल के दौरान विभागीय कार्यों में लगातार अनियमितताओं और भ्रष्टाचार ग़बन शासकीय धन में लूट की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे विभाग की छवि धूमिल हो रही है और किसानों को भी विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

वही जनपद सदस्य ने अपने आवेदन में प्रभारी उपसंचालक अश्विनी झारिया, सहायक संचालक अरविंद कुमार वर्मा तथा अनुविभागीय कृषि अधिकारी मधु अली की कार्यप्रणाली को लेकर जिले में व्यापक असंतोष होने की बात कही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन अधिकारियों के खिलाफ समय-समय पर कई शिकायतें सामने आई हैं, जिससे किसानों और आमजन में आक्रोश की स्थिति बनी हुई है।

उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को विभागीय योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है और कई मामलों में पारदर्शिता की कमी देखने को मिल रही है। किसानों को मार्गदर्शन और सुविधाएं मिलने के बजाय उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे उनमें असंतोष बढ़ता जा रहा है।

जनपद सदस्य ने कहा कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की गई तो किसानों का भरोसा प्रशासनिक व्यवस्था से उठ सकता है। इसलिए जनहित और प्रशासनिक पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों का तत्काल अन्यत्र स्थानांतरण किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की शिकायतें सामने न आएं और किसानों को राहत मिल सके।

जनपद सदस्य ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है तो वे अपने साथियों के साथ जिला मुख्यालय मण्डला में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

वहीं इस ज्ञापन की प्रतिलिपि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के सचिव तथा संचालक को भी भेजी गई है।

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