अतिथि शिक्षकों ने शिक्षक का दर्जा देने सहित ई – अटेंडेंस के विरोध में सौंपा ज्ञापन

 

अधिकतम अनुभवी अतिथि शिक्षकों को भर्ती में प्राथमिकता देना बच्चों के हित में: पी.डी.खैरवार

रेवांचल टाईम्स – मंडला जिले के अतिथि शिक्षकों ने गुरुवार 17 जुलाई को 1 बजे कलेक्ट्रेट के पास एकत्र होकर मुख्यमंत्री और कलेक्टर को संबोधित अलग-अलग ज्ञापन सौपा है।
अतिथि ने सरकार पर आरोप लगाया है,कि इस समय प्रदेश सहित जिले भर में अतिथि शिक्षक खेमें के बीच एक शोषणकारी और डरावना माहौल बना कर रख दिया गया है। आदेश के ऊपर आदेश प्रसारित करके अतिथि शिक्षकों को संस्था में ई – अटेंडेंस लगाना अनिवार्य किया जा रहा है । इसके पहले सरकार ने अतिथि शिक्षकों के हित में यह भी विचार नहीं किया गया ,कि अतिथि शिक्षकों को बहुत ही कम मानदेय दिया जाता है। जिससे परिवार का भरण-पोषण भी नहीं हो पाता है। साल के सिर्फ 9 या दस महीने का मानदेय होता है
ऐसे में हर अतिथि शिक्षक एंड्राइड मोबाइल नहीं खरीद सकता है।होने के बाद भी कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है, कि डाटा रिचार्ज करने के लिए समय पर पैसे नहीं हो पाते हैं। इसिलिए ई – अटेंडेंस की बाध्यता समाप्त की जानी चाहिए।
शिक्षक का दर्जा जल्द दे सरकार
यह मांग प्रमुखता से की गई है, कि अतिथि शिक्षकों के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री के द्वारा नियमितीकरण से संबंधित की गई घोषणा के दो साल बाद भी इनको शिक्षक का दर्जा दिये जाने को लेकर सरकार चुप्पी साधी हुई है। जबकि अनुभव के आधार पर इनको शिक्षा गारंटी गुरुजी औपचारिकेत्तर अनुदेशक एवं पर्यवेक्षकों की तरह शासकीय खर्चे पर डी एड कराते हुए शिक्षक का दर्जा दिया जाना न्यायसंगत होगा।
अधिकतम कार्यानुभवियों को पहले मिले मौका
स्थानीय समस्याओं के संबंध में बताया गया है,कइ अतिथि शिक्षक भर्ती संबंधित आदेश प्राप्त होने के 15 दिन बाद भी कुछ संस्था प्रधानों के द्वारा भर्ती प्रस्ताव तैयार करके उच्च कार्यालय को नहीं भेजे किए गए हैं। जबकि सभी अतिथि शिक्षक 1 जुलाई से ही विद्यालय में अपनी सेवाएं देना शुरू कर दिए हैं। अधिकतम कार्यानुभवियों को प्राथमिकता देते हुए भर्ती प्रस्ताव जल्द ही उच्च कार्यालय को प्रेषित किए जाने की मांग भी उठाई गई है।
सहायक आयुक्त कार्यालय से मिला आश्वासन
सहायक आयुक्त कार्यालय में इस मांग को लेकर ज्ञापन देने पर उच्च कार्यालय को शीघ्र ही भर्ती प्रस्ताव जमा करने संबंधित अधीनस्थ संस्थाओं को आज के आज निर्देश जारी करने आश्वास्त भी किया गया है। यहां के जिम्मेदारों ने अधीनस्थ कार्यालयों पर खेद जताते हुए कहा ,कि प्रस्ताव बनाने में देर किया जाना ठीक नहीं है। राज्य कार्यालय से जारी आदेश में संकुल,संस्था प्रधान और विकासखंड शिक्षा अधिकारी को ही संबोधित किया गया है।सहायक आयुक्त को अलग से निर्देश दिये जाने की कोई आवश्यकता नहीं है। बावजूद आज लिखित निर्देश जारी कर दिया जाएगा।
ज्ञापन के दौरान पी डी खैरवार,संजय सिसोदिया,मीनाक्षी दुबे,श्रवण यादव,रेणु तिवारी,उपासना ठाकुर, महेंद्र सोनी ,अखिलेश बेंद्रे, हेमराज मसराम ,संदीप विश्वकर्मा, अतुल द्विवेदी,मुरली पटैल, लवकेश कुर्मेश्वर तथा पालक महासंघ की ओर से सहजान परस्ते सहित बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक उपस्थित रहे।

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