रेवाँचल टाईम्स समाचार पत्र में प्रकाशित ख़बर को लिया संज्ञान में मध्‍यप्रदेश मानव अधिकार आयोग, भोपाल ने लिया 08 मामलो में संज्ञान मांगा जबाब

रेवाँचल टाईम्स – मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष(कार्यवाहक) श्री राजीव कुमार टंडन ने विगत दिवस के विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित प्रथम दृष्टया मानव अधिकार उल्लंघन के “08 मामलों में” संज्ञान लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है।जिसमे 2 मामले मण्डला जिले के हैं। आयोग ने संबंधितों से जवाब मांगा है।

मण्डला जिले के 2 मामले जो समाचार पत्रों मे प्रकाशित हुए थे जिसमें प्रथम दृष्टया मानव अधिकार का उल्लंघन है ऐसे मामले को संज्ञान मे लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है। इस बात की जानकारी कार्यालय म. प्र. मानव अधिकार आयोग-मित्र, शिकायत प्रकोष्ठ शाखा मण्डला से प्राप्त हुई है।

भारी बारिश में जर्जर भवन के पास आसमान तले पढ़ने को मजबूर बच्चे

मंडला जिले के जनपद पंचायत मंडला के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिलपुरा के ग्राम बुजबुजिया में प्राथमिक शाला को भीषण बारिश में खुले आसमान के नीचे एक जर्जर भवन के पास संचालित किये जाने का मामला सामने आया है। पिछले वर्ष शाला भवन जर्जर हो गई थी, और शाला भवन का निमार्ण कार्य नहीं होने से शाला प्रबंधन द्वारा स्‍कूल का संचालन एक पेड़ के नीचे किया जा रहा है। इस कारण बच्‍चों एवं शिक्षक को बारिश के दिनों में कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामले में संज्ञान लेकर मध्‍यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने जिला शिक्षा अधिकारी, मंडला से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन एक माह में मांगा है।

स्वास्थ्य केंद्र में न डॉक्टर रहते हैं और न ही ड्यूटी स्टाफ, मरीज परेशान….

मंडला जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र मवई में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्‍थ्‍य डॉक्टर एवं ड्यूटी स्टाफ के समय पर स्वास्थ्य केंद्र नहीं पहुंचने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विगत दिवस उपचार के लिये आये मरीज एवं उनके परिजन को डॉक्टर के समय पर नही पहुंचने के कारण परेशान होना पड़ता है। स्वास्थ्य केंद्र न तो समय पर खुलता है और न ही डॉक्टर एवं स्टाफ समय पर आते है, इस कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। मामले में संज्ञान लेकर मध्‍यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी, मंडला से मवई में स्वास्थ्य केंद्र की आवश्यकता हेतु की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन एक माह में मांगा है।

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