सड़को चोराहो में आवारा पशुओं ने जमाया डेरा जिम्मेदार देख कर भी कर रहे है अनदेखी

 

रेवाँचल टाईम्स – मंडला जिले में स्थानीय प्रशासन और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर लोग तरह तरह की प्रतिक्रिया दे रहें क्योंकि जिला प्रशासन की कार्यवाही शून्य नज़र आ रही है जनता और ग़रीब केवल आवेदन प्रतिवेदन दे रहें पर उनके द्वारा दिए गए आवेदन पर कोई सुनवाई न कोई कार्यवाही नही होती दिखाई पड रही है और अब लोगो काननू नाम की चीज नही दिखाई पड रही है बेख़ौफ़ रसूखदार अपने कार्यो को अंजाम दे रहें है और सड़को में जानवरो का डेरा जमा हुआ है इन जानवरो के कारण आए दिन घटनाओं में बड़ोत्तरी हो रही है बावजूद स्थानीय प्रशासन हो या फिर जिला प्रशासन इस और कठोर कार्यवाही की और ध्यान नही दे रहें है!
वही तहसील मुख्यालय घुघरी का बस स्टैंड बना आवारा पशुधन का अड्डा
बीच सड़क पर पशुधन बैठकर वाहनों चालकों दे रही दुर्घटना का खुला आमंत्रण
कलेक्टर का आदेश केवल कागजों तक सीमित
जमीनी हकीकत पर कार्रवाई शून्य
वही जानकारी के अनुसार तहसील मुख्यालय घुघरी अपनी कार्यशैली के लिए सदैव चर्चा और अखबारों की सुर्खियों में आये दिन बना ही रहता है
वहीं कुछ समय पर पूर्व कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने आदेश दिया था कि सड़क पर आवारा पशुधन न दिखें..
लेकिन शायद तहसील मुख्यालय घुघरी का प्रशासन और पुलिस विभाग कलेक्टर के आदेश को भी ठेंगा दिखाते नजर आते हैं
वहीं घुघरी बस स्टैंड का मार्ग जो कि मंडला से डिंडौरी को जोड़ता है उसी मुख्य मार्ग पर अनेक पशुधन बैठे हैं जो कि स्थानीय पुलिस एवं अधिकारियों को दिखाई तो देता है लेकिन उसपर आज तक किसी भी प्रकार से कोई कार्रवाई नहीं की गई..वहीं इस सड़क पर छोटे दोपहिया वाहन से लेकर भारी मालवाहक भी चलते हैं जिससे आये दिन हादसे होते रहते हैं लेकिन देखकर भी अनदेखा करना शायद स्थानीय प्रशासन की आदत में शुमार है..लेकिन इस आदत से आम नागरिक जो दुर्घटना का शिकार होकर गंभीर रूप से घायल होते हैं और कुछ तो जान से हाथ धो बैठते हैं
उनकी जान माल की रक्षा कौन करे और इन आवारा पशुधन मालिकों पर कार्रवाई कौन करे.

इनका कहना है कि
मैं हर दूसरे दिन घुघरी जाता हूं सड़क पर गाय बैल बैठे ही रहते हैं, जिनके गाय बैल हैं वो अपने घर नहीं ले जाते और सड़क में बैठी गाय दूसरों के लिए मुसीबत और दुर्घटना को बुलावा देती है इन आवारा पशुओं के कारण घटना दुर्घटना हो रही है और जिम्मेदार इस और ध्यान नही दे रहें है!

चंद्रेश कुमार
ग्रामीण गजराज घुघरी..

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