मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग, भोपाल ने लिया पाच मामलो में संज्ञान”
रेवाँचल टाईम्स – मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष(कार्यवाहक) श्री राजीव कुमार टंडन ने विगत दिवसों के विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित प्रथम दृष्टया मानव अधिकार उल्लंघन के “05 मामलों में” संज्ञान लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है।जिसमे 1 मामला मण्डला जिले के हैं। आयोग ने संबंधितों से जवाब मांगा है।
मण्डला -जिले के 1 मामला जो समाचार पत्रों मे प्रकाशित हुए थे जिसमें प्रथम दृष्टया मानव अधिकार का उल्लंघन है ऐसे मामले को संज्ञान मे लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है। इस बात की जानकारी कार्यालय म. प्र. मानव अधिकार आयोग-मित्र, शिकायत प्रकोष्ठ शाखा मण्डला से प्राप्त हुई है।
बदहाली का शिकार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जान जोखिम में डालकर हो रहे प्रसव
मंडला जिले के नारायणगंज विकासखंड में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बवलिया के जर्जर होने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सन् 1987-88 में बना यह स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह से जर्जर हो चुका है, जिससे यहां इलाज कराने आने वाले लोगों और स्वास्थ्य कर्मियों दोनों के लिये खतरा साबित हो सकता है। भवन के प्रसव कक्ष की छत से लगातार पानी टपकने के बावजूद गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी के बाद प्रसव कक्ष में रुकना पड़ता है, जिससे जच्चा-बच्चा दोनों की स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, मंडला से मामले की जांच कराकर व्यवस्था सुधार के लिये की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन एक माह में मांगा है।