सहायक आयुक्त कार्यालय का एक और नया कारनामा जारी है भ्रष्टाचार की प्रथा
कर्मचारियों से पात्र-अपात्र का खौफ दिखाकर बसूली करने के लग रहें गंभीर आरोप…
जिले के बीईओ एवं प्राचार्य को बसूली करने का ठेके के आरोप
रेवाँचल टाईम्स – मण्डला जिले की भी अजब गजब कहानी है, उच्च पद में बैठे जिम्मेदार अधिकारी अपने नए नए फ़रमान जारी कर लूट का अड्डा बनाया जा रहा है और जो दोषी है उन्हें अभय दान दिया जा रहा है या कहे की उन्हें खुला संरक्षण प्राप्त है, और जिसे मोका मिला वह भी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को कैसे कैसे लूटने के नए नए आयाम ढूंड रहें है,
और जिले की जो शिक्षा व्यवस्था है वह आज किसी से छिपी नही है और विभाग के जिम्मेदारों की भ्रष्टाचारी किसी से छुपी नहीं है, जहां सरकार एक तरफ अच्छी से अच्छी शिक्षा व्यवस्था को लेकर योजनाओं का भण्डार के साथ साथ ख़ज़ाने खोल रही है तो वहीं विभाग के जिम्मेदारों द्वारा उन्हीं योजनाओं को अपनी तिजोरी में बंद करने का हत्थकंडा अपनाया जा रहा है। और लूट मचा रखी हुई है
जिले की शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त के नाम पर वसूली अभियान जारी
वही जानकारी के अनुसार जिले की सहायक आयुक्त आदिवासी जनजातीय कार्य विभाग की लापरवाही तथा भ्रष्टाचारी का किस्सा विगत कई वर्षों से सुर्खियों में बना हुआ है जिसको लेकर जिले से लेकर संभाग स्तरीय तथा राज्य स्तरीय आला-अधिकारियों ने भी मण्डला जिले के सहायक आयुक्त आदिवासी जनजातीय कार्य विभाग की लापरवाही एवं भ्रष्टाचारी की छवि को लेकर घोर निन्दा की है।
भ्रष्टाचार के पुख्ता साक्ष्य सामने आ जाने के बाद भी प्रशासन क्यो है खामोश
वही सूत्रो के अनुसार सहायक आयुक्त द्वारा शासकीय बजट राशि जिसमें छात्रावास बजट, शिक्षा अभियान, निर्माण-मरम्मत कार्य, स्टेशनरी के बाद अटेच मेंट स्थानांतरण-संलंग्नीकरण जैसे और भी अन्य पैसे कमाने का जरिया बना हुआ है और यह अब जिला कलेक्टर, प्रभारी मंत्री विधायक जनप्रतिनियों और जिम्मेदारों के संरक्षण पर ही भ्रष्टाचारों का खुलासा किया जा चुका है। शासन की यही नजर अंदाजी भ्रष्टाचारीयों को सह दे रहे हैं। ये सब तत्कालीन सहायक आयुक्त संतोष शुक्ला एव विजय तेकाम से लेकर अवैध वसूली भ्रष्टाचार सरकारी धन की लूट और मनमानी का दौर चला आ रहा है और यह प्रथा वखुवी मौजूदा सहायक आयुक्त वंदना गुप्ता के द्वारा निभाई जा रही है और आज तो जारी है वंदना गुप्ता के द्वारा पत्र जारी करके यह कमाई का नया तरीका बनाया गया है, कुर्सी पर चार्ज लेकर बैठते ही पत्र क्रमांक/सहा.आयु./क्षेत्र संजो./2024/840 मण्डला दिनांक 29/01/2025 के तहत सर्व प्राचार्य एवं सर्व बीईओ को 26 जनवरी 2001 के पश्चात 02 से अधिक संताने होने के बाद भी विभाग में कार्यरत हैं। जबकि नियमानुसार ऐंसें अधिकारी/कर्मचारी सेवा हेतु अपात्र हैं। जारी पत्र के तहत सहायक आयुक्त द्वारा 03 दिवस अंदर अधोहस्ताक्षरकर्ता कार्यालय विशेष वाहक हस्ते उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया गया, बावजूद इसके 06 माह बीतने के बावजूद भी आला-अधिकारियों एवं जिम्मेदारों द्वारा संबंधितों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं करते हुए अपात्र अधिकारी-कर्मचारीयों से कीमत वसूल कर मामले को रफा-दफा कर अभयदान दिया गया।
सहायक आयुक्त मामले की जवाब देने से हट रही पीछे इसके पीछे की क्या है वजय
वही जिले के सहायक आयुक्त द्वारा सर्व बीईओ एवं सर्व प्राचार्य को सौंपी गई जिम्मेदारी में की गई लापरवाही तथा भ्रष्टाचारी को लेकर जब न्यायालीन नोटिस जरिये उक्त पत्र क्रमांक अंतर्गत अपात्र अधिकारी-कर्मचारीयों पर की गई कार्यवाही की जानकारी मांगने तथा मामले पर विभाग द्वारा अग्रिम प्रेषित पत्र की जानकारी मांगने पर सहायक आयुक्त वंदना गुप्ता द्वारा शासकीय कार्यों में स्वयं की व्यस्तता बताकर अपने हाथ खींचते नजर आई, जो इस बात की पुष्टि करता है कि जिम्मेदारों और आला-अधिकारियों द्वारा उक्त प्रेषित पत्र तहत अपात्र अधिकारी-कर्मचारीयों को अपनी कमाई का जरिया बनाकर खुलेआम भ्रष्टाचार किया गया है।
इस मामले में क्या कहते है जिम्मेदार
अभी शैक्षणिक सत्र में व्यस्तता के चलते इस मामले में अगामी कोई पत्र जारी नहीं किया गया है, मामले पर पुनः जांच कर कार्रवाई की जावेगी।
श्रीमती वंदना गुप्ता
सहायक आयुक्त मण्डला।