रसोइयों का जीवन खतरे में….? स्कूलों में गैस चूल्हे हो रहे खराब, बार-बार समूह करा रहे सुधार

 

नए गैस चूल्हा की मांग पर ध्यान नहीं दे रही सरकार
कई माह का भुगतान भी नहीं दे रही सरकार, स्कूलों में चूल्हा बंद शुरू हुई हड़ताल

रेवाँचल टाईम्स – मंडला, प्रधानमंत्री पोषण आहार कार्यक्रम अंतर्गत मध्य प्रदेश के मंडला जिले में लापरवाही बरती जा रही है शासन प्रशासन की लापरवाही की वजह से स्कूलों में कार्यरत मध्यान भोजन कार्यक्रम के रसोइयों का जीवन खतरे में दिखाई दे रहा है जानकारी मिल रही है कि काफी लंबे समय पहले स्कूलों में गैस सिलेंडर और चूल्हा दिए गए थे बताया जा रहा है कि काफी लंबे समय दिए गए गैस चूल्हे अब लगातार खराब हो रहे हैं समूहों द्वारा समय-समय पर गैस चूल्हा का सुधार कार्य कराया जा रहा है और जैसे-तैसे मध्यान भोजन का कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है गैस चूल्हा खराब होने से गैस लीक हो रही है ऐसी स्थिति में रसोइयों का जीवन खतरे में पड़ सकता है इसके बावजूद भी शासन प्रशासन के द्वारा इस विषय पर कोई खास ध्यान नहीं दिया जा रहा है बर्तनों की भी आवश्यकता स्कूलों में पड़ रही है कुकर की आवश्यकता सहित अन्य बर्तनों की आवश्यकता समूहों द्वारा जताई जा रही है जिस पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है इसी तरह भुगतान भी कई माह का नहीं किया जा रहा है जानकारी मिल रही है कि अप्रैल से लेकर अभी तक का भुगतान समूहों को नहीं किया गया है जिसकी वजह से समूहों को मध्यान भोजन कार्यक्रम संचालित करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जानकारी यह भी मिली है कि 18 अगस्त से अधिकांश सरकारी स्कूलों में जहां-जहां जानकारी संघ के माध्यम से मिल चुकी है वहां चूल्हा बंद हड़ताल प्रारंभ कर दी गई है समूहों द्वारा मध्यान भोजन कार्यक्रम बनाना बंद कर दिया गया है समूह का कहना है कि भुगतान न मिलने की स्थिति में आर्थिक स्थिति गड़बड़ हो गई है किराना,सब्जी व अन्य सामग्री दुकानदारों द्वारा देने में अब आनाकानी की जा रही है ऐसी स्थिति में मध्यान भोजन कार्यक्रम कैसे संचालित किया जाएगा यह विशेष जांच का विषय हो गया है हर बार मांग की जा रही है की प्रतिमाह राशि समूहों के बैंक खातों में जमा की जाए लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है बताया तो यह भी जा रहा है की राशि बेहद कम दी जा रही है जिसकी वजह से महंगाई के इस दौर में मध्यान भोजन कार्यक्रम संचालित करना मुश्किल हो रहा है समूहों के अध्यक्ष और सचिव को मानदेय की राशि भी नहीं दी जा रही है जबकि पूरा समय उनके द्वारा मध्यान भोजन कार्यक्रम में दिया जा रहा है नागरिकों की मांग है कि इन्हें भी मानदेय की राशि प्रदान की जाए और मध्यान भोजन कार्यक्रम सही तरीके से शासन प्रशासन द्वारा संचालित किया जाए जो गैस चूल्हे खराब हो गए हैं उन्हें बदला जाए और सभी स्कूलों में नए गैस चूल्हे प्रदान किए जाएं और गैस चूल्हा के माध्यम से ही सभी सरकारी स्कूलों में खाना पकाने का काम किया जाए ताकि रसोइयों को धुआ से मुक्ति मिल सके शासन प्रशासन से अपेक्षा है इस विषय पर शीघ्र ध्यान दें !

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