बम्हनी नगर परिषद फिर विवादों के घेरे में..

महाराष्ट्र में हुई फौत एम.पी में जारी हुआ मृत्यु सर्टिफिकेट..

दैनिक रेवांचल टाइम्स मंडला/ आदिवासी जिला बाहुल्य मंडला और मंडला जिले के सरकारी दफ्तरों में बैठे अधिकारी और कर्मचारी जो न करें सो कम हैं। मंडला जिला जो अपनी एक अलग ही पहचान बनाए हुए था और वो पहचान थी हमारी सहजता, सरलता और ईमानदारी लेकिन मंडला जिले के सरकारी दफ्तरों पर बैठते ही अधिकारी और कर्मचारी शायद अपनी ईमानदारी सहजता और सरलता जैसे जीवन के आदर्शों को बाहर कहीं कोई अन्य जिले में रख कर यहां पर काम करने के लिए आते हैं। इसीलिए तो आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में आते ही मनमानी पर उतारू हो जाते हैं। फिर न इन अधिकारियों की जवाबदेही तय होती है और न ही कार्यशैली संतुष्टप्रद तभी तो मंडला में निवासरत आमजनता छोटे मोटे कामों को लेकर जिले के बड़े अधिकारियों के दफ्तरों में आए दिन या तो चक्कर लगाते फिरते हैं या फिर अधीनस्थ कर्मचारियों की शिकवा शिकायत करने के लिए यहां वहां भटकते हुए नज़र आते हैं। जी हां ऐसा ही एक मामला मंडला जिले की नगर परिषद बम्हनी बंजर का सामने आया हैं। जहां पर बेलगाम और मनमानी पर उतारू अधिकारी और कर्मचारी ने नियम कानून को ताक पर रख कर गलत तरीके से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर सुर्खियों में बने हुए हैं।

क्या हैं पूरा मामला समझिए..

बम्हनी बंजर नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 9 पर निवासी पुनीत चौरसिया की धर्मपत्नी श्रीमती पूर्णिमा चौरसिया का इलाज विगत दिनों नागपुर के निजी अस्पताल में चल रहा था। जहां पर इलाजरत महिला की महाराष्ट्र के नागपुर जिले में ही मृत्यु हो जाती हैं। मृत्यु उपरांत उक्त महिला का मृत्यु प्रमाण पत्र नगर परिषद बम्हनी बंजर ने अपने कार्यालय से जारी कर दिया जो उनकी पूर्ण मनमानी को प्रदर्शित करता है।

शासन के नियमों को ताक पर रख जारी किया गया मृत्यु प्रमाण पत्र

नगर पालिका बम्हनी बंजर के अधिकारी सुरेंद्र चंद्रोल एवं कर्मचारी हसन खान के द्वारा मिलकर शासन के नियमों की अवहेलना करते हुए महाराष्ट्र के नागपुर में मृत महिला का मृत्यु प्रमाण पत्र मध्य प्रदेश के मंडला जिले की बम्हनी बंजर नगर परिषद से जारी कर दिया गया। जो की पूर्णता सरासर गलत है क्योंकि शासन के नियमानुसार व्यक्ति की मृत्यु जिस क्षेत्र में होती है उसका मृत्यु प्रमाण पत्र उसी क्षेत्र के स्थानीय निकाय से जारी किया जाता है।

आर.टी.आई के द्वारा नहीं दी जा रही है जानकारी

नगर परिषद में कार्यरत जन्म मृत्यु पंजीयन प्रभारी हसन खान के द्वारा पूर्व में इसी मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन पर रजिस्टर पर लाल स्याही से लिख दिया गया था कि यह जानकारी यहां से प्रदान नहीं हो पाएगी। फिर अचानक ऐसा क्या हो गया की सीएमओ सुरेंद्र चंद्रोल और हसन खान के द्वारा मिलकर मृत्यु प्रमाण पत्र प्रदान कर दिया गया। कहीं किसी निजी स्वार्थवश में आकर के तो ऐसा गैर वैधानिक कार्य उनके द्वारा ऐसा किया गया हो। शिकायतकर्ता पूर्व कांग्रेसी पार्षद विनय चक्रवर्ती के द्वारा इस विषय को लेकर जब नगर परिषद में सूचना का अधिकार के तहत वांछित जानकारी प्राप्त करने के लिए आवेदन लगाया गया था, किंतु एक माह बीत जाने के उपरांत भी नगर परिषद आर. टी. आई. प्रभारी के द्वारा इन्हें किसी भी प्रकार की अभी तक संतुष्ट प्रद जानकारी प्रदाय नहीं की गई। इसलिए यह संशय का विषय बनता है कि आखिर नगर परिषद किन कारणों से साक्ष्य को छुपा रही है। एवं जानकारी प्रदाय नहीं की जा रही हैं। अब सवाल यह बनता हैं कि क्या नगर परिषद बम्हनी बंजर के अधिकारी और कर्मचारी संविधान से बड़े हैं क्या..? जो संसद में पारित अधिनियम सूचना के अधिकार की खुले आम धज्जियां उड़ा रहे हैं।

जिला कलेक्टर एवं थाने में की गई शिकायत

संपूर्ण मामले की उचित कार्रवाई हेतु एवं जांच के लिए शिकायतकर्ता पूर्व पार्षद विनय चक्रवर्ती के द्वारा जिला कलेक्टर मंडला एवं थाना बम्हनीबंजर में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। आवेदक का कहना है कि जिस कालाम पर लाल स्याही चलाई जाती है वह स्वयं अपने आप में संदेह की स्थिति में नज़र आती है। फिर यह सब कुछ जानते हुए भी कर्मचारी हसन खान द्वारा सभी मामलों की जानकारी रखते हुए आखिरकार किन प्रलोभन एवं राजनीतिक दबाव में आकर के गलत तरीके से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया। और क्या जांच के बाद में गलत पाये जाने पर संबंधितों के खिलाफ़ एफ.आई. आर दर्ज की जाएगी.?
क्योंकि पूर्व में भी सम्बन्धित अनावेदक के द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र के कई मामलों में मनमानी की गई है।

दूसरों के लिए नियमावली बताकर खुद कर रहे हैं लीपा पोती

मृत्यु प्रमाण पत्र के संबंध में वार्ड क्रमांक 13 के निवासी मोहित नंदा का परिवार भी हशन खान के नियम और कानूनों की वजह से मानसिक प्रताड़ित रहा है। जब मोहित नंदा की मृत्यु हुई थी वह मृत्यु बीजाडांडी थाना क्षेत्रगत हुई थी। तब हसन खान द्वारा स्पष्ट रूप से नियम कायदे बतलाकर पीड़ित परिवार को मृत्यु प्रमाण पत्र देने से मना कर दिया गया था कि आपका प्रमाण पत्र जहां मृत्यु हुई है वहीं से बनेगा।
फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि अभी वर्तमान परिस्थितियों में जिस महिला की मृत्यु महाराष्ट्र के नागपुर जिले में हुई उसका मृत्यु प्रमाण पत्र संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के द्वारा बम्हनी बंजर से जारी कर दिया गया। जबकि इसके पूर्व में मृतक मोहित नंदा का पोस्टमार्टम बम्हनी बंजर में ही हुआ था। लेकिन मृत्यु प्रमाण पत्र संबंधित क्षेत्र से लेने को बोला गया था जो हशन खान की कार्यशैली को और भी ज्यादा संदेहप्रद प्रकट करता है।

शिकायतकर्ता करेंगे जन आंदोलन
शिकायतकर्ता विनय चक्रवर्ती का कहना है कि नगर परिषद के कर्मचारी इन दोनों अपनी मनमानी एवं लापरवाही के लिए प्रसिद्ध है इन्हें शासन प्रशासन का किसी प्रकार का भय नहीं है यदि मेरी शिकायत पर किसी भी प्रकार की उचित कार्यवाही नहीं होती या मुझे न्याय प्रदान नहीं किया जाता तो मेरे द्वारा जन आंदोलन हेतु बाध्य होना पड़ेगा।

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