जनसुनवाई बनी मजाक ..?

 

सीएम हेल्पलाइन में भी जिम्मेदार कर रहे हैं गोलमाल

जन समस्याओं के निराकरणके अभियान व कार्यक्रम फ्लॉप

रेवांचल टाईम्स – मंडला, मध्य प्रदेश के मंडला जिले में जन समस्याओं के निराकरण के लिए शासन द्वारा संचालित किये जा रहे सभी कार्यक्रम व अभियान असफल हो रहे हैं इस विषय पर कोई समीक्षा शासन प्रशासन द्वारा नहीं की जा रही है चर्चा चल रही है कि जिला स्तर पर जनसुनवाई कार्यक्रम प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होता है लेकिन आवेदन देने के बाद आवेदन पत्रों का निराकरण नहीं किया जाता है निराकरण की जानकारी आवेदकों को नहीं मिल पाती है बार-बार आवेदन देने के बाद भी आवेदन पत्रों का निराकरण जनसुनवाई कार्यक्रम अंतर्गत नहीं होता है यह कार्यक्रम सिर्फ औपचारिक बनकर रह गया है इस कार्यक्रम अंतर्गत मध्य प्रदेश के मंडला जिले में आवेदन पत्रों का निराकरण सही तरीके से नहीं किया जा रहा है आवेदन पत्रों के निराकरण की समय सीमा भी तय नहीं की जा रही है इसी तरह सीएम हेल्पलाइन मैं भी गोलमाल हो रहा है अधिकांश शिकायतों को दबाव बनाकर या निवेदन करके की बाद में काम कर दिया जाएगा यह कहकर बंद कराया जा रहा है अधिकांश शिकायत ओटीपी के माध्यम से बंद हो रही है यह कारनामा खासकर राजस्व विभाग द्वारा किया जा रहा है इसके अलावा कई विभाग भी ऐसा कर रहे होंगे जांच में यह पता चल सकता है सभी विभाग सीएम हेल्पलाइनकी शिकायतों का निराकरण करने में जवाबदारी से काम नहीं कर पा रहे हैं निराकरण भी सही तरीके से नहीं कर रहे हैं गोलमोल जवाब भेज कर निराकरण की औपचारिकता पूरी कर रहे हैं इसके अलावा अन्य कार्यक्रम व अभियान जन समस्याओं के निराकरण के लिए इस जिले में चलाए जा रहे हैं या आयोजित हो चुके हैं उन सभी कार्यक्रमों में दिए गए आवेदन पत्रों के निराकरण का पता ही नहीं चल रहा है कुल मिलाकर इस जिले में अंधेर नगरी चौपट राजा का साम्राज्य स्थापित हो गया है जन अपेक्षा है जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन को जन उपयोगी बनाया जाए जो निराकरण किया गया है विगत दो वर्षों के निराकरण की जांच कराई जाए तो पता चलेगा कि यहां पर निराकरण का स्तर कैसा है।

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