मातृशक्ति एवं दुर्गा वाहिनी के तत्वाधान में नगर के समस्त पंडालो में हो रहा शस्त्र पूजन

रेवाँचल टाईम्स – मंडला, जिले के भुआ बिछिया में मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी द्वारा सभी मां शक्ति के मंच, पंडालों में क्रमशः शस्त्र पूजन किया जा रहा है। प्रत्येक पंडाल की स्थानीय महिला मंडल समिति के साथ मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी द्वारा माता जगदंबा के दरबार में विभिन्न शस्त्र सजाकर मंत्रोच्चार के साथ उनका विधिवत पूजन किया गया। सार्वजनिक दुर्गोत्सव खेरमाई परिवार (विभूति किराना के बाजू में), नवशक्ति दुर्गोत्सव समिति जंतीपुर, माता काली मढिया (शिव मातृशक्ति एवं दुर्गा वाहिनी के तत्वाधान में नगर के समस्त पंडालो में हो रहा शस्त्र पूजन
रेवाँचल टाईम्स – मंडला, जिले के भुआ बिछिया में मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी द्वारा सभी मां शक्ति के मंच, पंडालों में क्रमशः शस्त्र पूजन किया जा रहा है। प्रत्येक पंडाल की स्थानीय महिला मंडल समिति के साथ मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी द्वारा माता जगदंबा के दरबार में विभिन्न शस्त्र सजाकर मंत्रोच्चार के साथ उनका विधिवत पूजन किया गया। सार्वजनिक दुर्गोत्सव खेरमाई परिवार (विभूति किराना के बाजू में), नवशक्ति दुर्गोत्सव समिति जंतीपुर, माता काली मढिया (शिव पंडा) वार्ड नंबर 10, सार्वजनिक एकता दुर्गोत्सव समिति (वेयर हाउस), सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति (भुआ) शिवहरे कॉम्प्लेक्स इसी क्रम में नवयुवक कालिका उत्सव समिति मुक्ति मार्ग मे महिला मंडल, मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी द्वारा मां काली एवं अस्त्र शस्त्रों की पूजन उपरांत प्रसाद वितरण किया, पूरे नवरात्रि पर्व के दौरान सभी सार्वजनिक मंच, पंडालों में माताओं, बहनों द्वारा पूजन कार्यक्रम लगातार सम्पन्न किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मातृशक्ति जिला प्रमुख श्रीमती बबीता गोहिया ने शस्त्र पूजन के विषय में उद्बोधन दिया, उन्होंने बताया कि हमारे सनातन धर्म में शस्त्र पूजन नवरात्रि का विशेष उत्सव है और इसे प्रत्येक नवरात्रि में मनाया जाना चाहिए, जैसे हम दीपावली में अपने घर की लक्ष्मी के साथ ही हर वस्तुओं गाड़ी, दरवाजे, द्वार आदि सभी की पूजा करते हैं, वैसे ही नवरात्रि में शस्त्र पूजन माता दुर्गा की प्रसन्नता के लिए किया जाता है। तीनों देव ब्रह्मा विष्णु महेश की संगम शक्ति के नाम से विख्यात माता दुर्गा त्रिदेवों की शक्ति हैं और इसी तरह बिना नारी शक्ति के संसार का संचालन असम्भव है। एक नारी अपने जीवन में पुत्री, बहन, पत्नी, मां के रूप में कर्तव्य निभाती हैं, पर जब समाज और धर्म संकट में होता है तो वहीं नारी रानी लक्ष्मीबाई, अवंती बाई, जीजा बाई बनकर प्रचण्ड रूप धारण कर शत्रुओं अधर्मियों का दमन करती है और इसीलिए माता दुर्गा को शस्त्र प्रिय हैं।
श्रीमती नैनवती कुडापे ने कहा की एक हाथ से माता जगत के धर्म प्रेमी भक्तों को आशीर्वाद देती है और दूसरे हाथों में शस्त्र धारण कर अधर्मियों का विनाश करती है, इसीलिए शस्त्र पूजन माता दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है और इस कार्यक्रम को हम सभी को प्रत्येक नवरात्रि में माता रानी के दरबार में आवश्यक रूप से करना चाहिए। कार्यक्रम मे श्रीमती शशि मिश्रा,, सीमा यादव, शारदा नामदेव, संगीता चौरसिया, राजकुमारी रघुवंशी,त्रिवेणी तेकाम, पूजा हरदहा, यामिनी नामदेव, सरोज यादव, मेवा विश्वकर्मा, रजनी कार्तिकेय, दिशा विश्वकर्मा, अनीता रजक, प्रवीणा यादव, सुषमा परस्ते, माया यादव, सहित नगर की सभी महिला मंडल मातृशक्ति समिति, माताएं बहनें उपस्थित रहीं।पंडा) वार्ड नंबर 10, सार्वजनिक एकता दुर्गोत्सव समिति (वेयर हाउस), सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति (भुआ) शिवहरे कॉम्प्लेक्स इसी क्रम में नवयुवक कालिका उत्सव समिति मुक्ति मार्ग मे महिला मंडल, मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी द्वारा मां काली एवं अस्त्र शस्त्रों की पूजन उपरांत प्रसाद वितरण किया, पूरे नवरात्रि पर्व के दौरान सभी सार्वजनिक मंच, पंडालों में माताओं, बहनों द्वारा पूजन कार्यक्रम लगातार सम्पन्न किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मातृशक्ति जिला प्रमुख श्रीमती बबीता गोहिया ने शस्त्र पूजन के विषय में उद्बोधन दिया, उन्होंने बताया कि हमारे सनातन धर्म में शस्त्र पूजन नवरात्रि का विशेष उत्सव है और इसे प्रत्येक नवरात्रि में मनाया जाना चाहिए, जैसे हम दीपावली में अपने घर की लक्ष्मी के साथ ही हर वस्तुओं गाड़ी, दरवाजे, द्वार आदि सभी की पूजा करते हैं, वैसे ही नवरात्रि में शस्त्र पूजन माता दुर्गा की प्रसन्नता के लिए किया जाता है। तीनों देव ब्रह्मा विष्णु महेश की संगम शक्ति के नाम से विख्यात माता दुर्गा त्रिदेवों की शक्ति हैं और इसी तरह बिना नारी शक्ति के संसार का संचालन असम्भव है। एक नारी अपने जीवन में पुत्री, बहन, पत्नी, मां के रूप में कर्तव्य निभाती हैं, पर जब समाज और धर्म संकट में होता है तो वहीं नारी रानी लक्ष्मीबाई, अवंती बाई, जीजा बाई बनकर प्रचण्ड रूप धारण कर शत्रुओं अधर्मियों का दमन करती है और इसीलिए माता दुर्गा को शस्त्र प्रिय हैं।
श्रीमती नैनवती कुडापे ने कहा की एक हाथ से माता जगत के धर्म प्रेमी भक्तों को आशीर्वाद देती है और दूसरे हाथों में शस्त्र धारण कर अधर्मियों का विनाश करती है, इसीलिए शस्त्र पूजन माता दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है और इस कार्यक्रम को हम सभी को प्रत्येक नवरात्रि में माता रानी के दरबार में आवश्यक रूप से करना चाहिए। कार्यक्रम मे श्रीमती शशि मिश्रा,, सीमा यादव, शारदा नामदेव, संगीता चौरसिया, राजकुमारी रघुवंशी,त्रिवेणी तेकाम, पूजा हरदहा, यामिनी नामदेव, सरोज यादव, मेवा विश्वकर्मा, रजनी कार्तिकेय, दिशा विश्वकर्मा, अनीता रजक, प्रवीणा यादव, सुषमा परस्ते, माया यादव, सहित नगर की सभी महिला मंडल मातृशक्ति समिति, माताएं बहनें उपस्थित रहीं।