बिछिया में मातृशक्तियो द्वारा की गया शस्त्र पूजन

रेवाँचल टाईम्स – मंडला, जिले में विश्व हिन्दू परिषद (बजरंग दल) नगर बिछिया के तत्वाधान में सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति (चर्राटोला) तथा सार्वजनिक दुर्गा मंच (विनोद रंगमंच) में मातृशक्तियों द्वारा शस्त्र पूजन कार्यक्रम संपन्न किया गया। सर्वप्रथम सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति (चर्राटोला मंच) में कार्यक्रम के अध्यक्ष सुरेन्द्र मरावी, मुख्य अतिथि नगर अध्यक्ष सचिन तेकाम (विहिप) तथा मुख्य वक्ता धर्मप्रसार जिला प्रमुख विवेक कुमार पाण्डेय द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का आरंभ किया गया। स्थानीय मातृशक्तियों द्वारा माता जगदंबा के दरबार में शस्त्र पूजन किया गया। तत्पश्चात शस्त्र पूजा क्यों आवश्यक है, इस विषय पर मुख्य वक्ता विवेक कुमार पाण्डेय द्वारा बताया गया कि नवरात्रि पर्व में विजयादशमी तिथि में शस्त्र पूजन माता शक्ति की प्रसन्नता के लिए किया जाता है, बिना शस्त्र के माता का स्वरूप पूर्ण नहीं माना जाता और बिना शस्त्र पूजन के माता का पूजन अधूरा होता है। इसके अतिरिक्त शस्त्र पूजन हिन्दू समाज में साहस और शक्ति का संचार करता है और यह पूजन विजयादशमी तिथि के अतिरिक्त पंचमी के बाद कभी भी किया जा सकता है, इसके लिए मुहूर्त की बाध्यता नहीं है। नवरात्रि का अर्थ ही पूरे नौ दिन के साथ नौ रात्रि की साधना होती है। इसीलिए हम नवरात्रि के दौरान कभी भी और नवरात्रि के बाद भी कभी भी किसी भी दुर्गा मंदिर में शस्त्र पूजन आयोजित कर सकते हैं। क्योंकि शस्त्र पूजन हिन्दू समाज को सशक्त और शक्ति संपन्न करने, भय से मुक्त करने और हिन्दू समाज में एकता स्थापित करने के उद्देश्य से किया जाता है। हिन्दू समाज के समक्ष वर्तमान में बहुत सी चुनौतियां हैं, नवरात्रि के दौरान कई वनांचल स्थानों में रावण दहन का विरोध तथा रावण पूजा की पहल ईसाई मिशनरी द्वारा फैलाए गए गलत साहित्यों के आधार पर की जा रही है, ताकि वनवासी कहे जाने वाला समाज रावण पूजक बनकर राम का विरोधी हो जाए और हिन्दू समाज में फूट पैदा हो। यह षडयंत्र वृहद स्तर में ईसाई पादरियों द्वारा चलाया जा रहा है, जिससे वनांचल आदिवासी कहे जाने वाले समाज को इन झूठे प्रचारों से अत्यंत सावधान होने की जरूरत है और ईसाई मिशनरी का वनांचल क्षेत्रों से पूर्ण बहिष्कार करने की जरूरत है। रामचरितमानस के अरण्यकांड में श्रीरामचन्द्र, माता सीता, लक्ष्मण जी का वनवासी जीवन कोल, भील, किरात के बीच में बीता है और ये सभी वनांचल के निवासी भगवान राम के सेवक, परम भक्त रहे हैं। बिना वनांचल समाज के सनातन धर्म की कल्पना नहीं की जा सकती, क्योंकि प्रकृति पूजक समाज ही सनातन धर्म की पहचान है। उक्ताशय के उदगार विवेक कुमार पाण्डेय द्वारा दिए गए। उसके बाद विनोद रंगमंच में माता जगदंबा के समक्ष मातृशक्तियों द्वारा शस्त्र पूजन कार्यक्रम संपन्न किया गया। यहां कार्यक्रम अध्यक्ष अशोक नानकानी एवं मुख्य अतिथि रिटायर्ड एएसआई श्री विश्राम मार्को रहे। कार्यक्रम का आभार राजेन्द्र अग्रवाल द्वारा प्रकट किया गया। उक्त संपूर्ण कार्यक्रम में विश्व हिन्दू परिषद से जिला मंत्री बलदाऊ राजपूत, नगर संयोजक संजू ठाकुर, मातृशक्ति जिला संयोजिका श्रीमती बबीता गोहिया, नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती रजनी मरावी, वरिष्ठ मार्गदर्शक शशिकांत श्रीवास्तव, समिति पदाधिकारी रितेश अग्रवाल, हिम्मत चिचाम तथा नगर की सभी मातृशक्ति, बहनें एवं नगरवासी उपस्थित रहे।