बिछिया में आयोजित हुआ राष्ट्र सुरक्षा मंच के बैनर तले धर्मान्तरण विरोधी सभा का आयोजन

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दैनिक रेवांचल टाइम्स- मंडला, जिले के भुआ बिछिया की ग्राम पंचायत बुधनवारा में विश्व हिन्दू परिषद के तत्वाधान में जिला बिछिया अंतर्गत प्रखंड बिछिया के बुधनवारा ग्राम में राष्ट्र सुरक्षा मंच/अनुसूचित जनजाति सुरक्षा मंच के बैनर तले धर्मांतरण विरोधी सभा का आयोजन हुआ, सभा का मंच संचालन बिछिया प्रखंड धर्मरक्षक बसंत बलाडी जी द्वारा किया गया, जिसमें ग्राम के सभी सनातनी वरिष्ठजन तथा युवा साथी उपस्थित रहे। सभा में घुघरी प्रखंड से धर्मरक्षक कन्हैया गोप जी द्वारा बतलाया गया कि सुप्रीम कोर्ट में धर्मांतरण विरोधी धर्म स्वातंत्र्य कानून को समाप्त करने के लिए ईसाई मिशनरियों तथा कट्टरपंथी देशद्रोही मानसिकता के लोगों द्वारा अपील की गई है, जिसका विधिवत संज्ञान सुप्रीम कोर्ट ने नहीं लिया और इस विषय को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग में जानकारी देना उचित नहीं समझा। वही सुप्रीम कोर्ट अनुसूचित जाति/जनजाति समाज में हो रहे धर्मांतरण से नष्ट हो रही उनकी हजारों वर्षों पुरानी संस्कृति सभ्यता की चिंता नहीं करता। सुप्रीम कोर्ट के इस दोहरे रवैए का देश के सनातनी समाज को आभास होना जरूरी है, इसीलिए ऐसी सभाएं देश के कोने कोने में विश्व हिन्दू परिषद द्वारा की जा रही हैं। विषय को आगे बढ़ाते हुए जिला धर्मप्रसार प्रमुख विवेक कुमार पाण्डेय ने बताया कि कुछ जातीय, राजनीति संगठनों के प्रमुखों द्वारा ईसाई मिशनरियों तथा वामपंथियों के इशारे पर आदिवासी हिन्दू नहीं है, ऐसा झूठा प्रचार कर आदिवासी समाज को मुख्य धारा से अलग करने का षडयंत्र रचा जा रहा है, जबकि हजारों वर्ष पूर्व के रामायण काल में वर्णन आता है कि श्रीराम जी जब पिता की आज्ञा से वन गमन किए, तब वहां कोल, भील, किरात, केवट आदि वनवासी समाज के बीच में उनका परिवार की तरह जीवन बीता और सारे वनांचल के वनवासी समाज भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त थे। हमारे ऋषि मुनियों के आश्रम जंगलों में होते थे और सारा वनवासी समाज उन्हें फल फूल लकड़ी आदि प्राकृतिक वस्तुएं उपलब्ध कराता था। 1940 के दशक में तमिलनाडु में पेरियार नाम का एक वामपंथी विचारक हुआ, जिसने मनगढ़ंत सच्ची रामायण नाम की किताब लिखी, जिसमें रावण को आदिवासियों का नेता बताने का झूठा प्रचार उसी समय से चल रहा है। पेरियार खुद एक नाबालिक लड़की के साथ व्यभिचार का दोषी था। ऐसे विकृत मानसिकता वाले पागलपन और झूठ से भरे हुए वामपंथियों द्वारा मनगढ़ंत झूठे साहित्य रचकर सनातनी देवी देवता के प्रति गलत अवधारणाएं बनाकर झूठे साहित्य प्रचारित करने का कार्य किया जा रहा है, जिससे सनातनी समाज पूजा पद्धति के नाम पर एक दूसरे से लड़े और टूटे, ताकि देश को पुनः विदेशी ताकतों के हाथ सौंपा जा सके। हमें सही जानकारियां प्राप्त करते हुए इन सभी प्रकार के झूठे प्रचारों से बचना है और सभी को एकसूत्र में बंधे रहना है। इस प्रकार के उद्बोधन सभा में सभी सनातनी बंधुओं के समक्ष दिए गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विश्राम मार्को (रिटायर्ड एएसआई), घुघरी प्रखंड से धर्मरक्षक कन्हैया गोप बिछिया प्रखंड से धर्मरक्षक बसंत बलाडी तथा जिला धर्मप्रसार प्रमुख विवेक पाण्डेय तथा सभी ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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