जिला दंडाधिकारी के आदेश के बाद ग्रामीण बैंक ने की बड़ी कार्यवाही

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रेवाँचल टाईम्स- मंडला, न्यायालय जिलादंडाधिकारी मंडला के आदेश के अनुपालन में मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा बिंझिया ने भवन ऋण डिफाल्टर गोपी लाल कछवाहा निवासी कोरगांव (पंचायत हल्का क्रमांक 31/61 पुरवा, जिला मंडला) के मकान पर सरफेसी एक्ट 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार, बैंक द्वारा पूर्व में कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद ऋण की अदायगी नहीं की गई, जिसके बाद न्यायालय के आदेश पर ऋणी की संपत्ति का भौतिक कब्ज़ा बैंक को सौंप दिया गया।
यह संपत्ति खसरा नंबर 486/1/2, रकबा 0.0100 हेक्टेयर, प्लॉट क्षेत्रफल लगभग 1090 वर्गफीट में निर्मित आवासीय भवन है।
मौके पर प्रशासनिक एवं बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार कर कार्रवाई पूर्ण की गई। मकान पर बैंक की ओर से नोटिस बोर्ड लगाया गया, जिसमें स्पष्ट उल्लेख किया गया कि अब इस संपत्ति का एकमात्र स्वामी बैंक है। साथ ही चेतावनी दी गई कि कोई भी व्यक्ति इस संपत्ति की खरीद, बिक्री या हस्तांतरण करता है, तो उसकी जिम्मेदारी पूर्णतः स्वयं की होगी।
इस कार्रवाई के दौरान मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक सुरेश प्रसाद सिंह परस्ते, उप क्षेत्रीय प्रबंधक जितेन्द्र ठाकुर, शाखा प्रबंधक श्रीमती रितु राय, तहसीलदार हिमांशु भलावी, पटवारी, कोटवार, पुलिस बल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस बल तैनात किया गया और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं कानूनी तरीके से संपन्न हुई।
बैंक अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई बकायेदारों को सख्त संदेश देने और ऋण वसूली को मजबूत बनाने के उद्देश्य से की गई है।
उन्होंने कहा कि समय पर ऋण की अदायगी न करने वालों पर बैंक भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रखेगा।
बैंक अधिकारियों के अनुसार, यह मामला लंबे समय से लंबित था और बैंक द्वारा कई बार समझाइश देने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया, जिसके चलते सरफेसी एक्ट के तहत यह निर्णायक कदम उठाया गया।
मंडला जिले में इस प्रकार की यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जिससे अन्य ऋण बकायेदारों में भी सतर्कता का माहौल देखा जा रहा है।

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