छोटी बाजार श्रीराम मंदिर में भक्ति, दीपों और संगीत के रंग में मनी देव दीपावली….सामूहिक दीपोत्सव, गोवर्धन पूजन एवं अन्नकूट महा महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब

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रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के पावन चरणों में भक्ति और दीपों का पर्व देव दीपावली, गोवर्धन पूजन एवं अन्नकूट महा महोत्सव सोमवार रात्रि को छोटी बाजार स्थित श्रीराम मंदिर परिसर में अत्यंत श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर भव्य रूप से सुसज्जित किया गया था और सैकड़ों दीपों की लौ से समूचा क्षेत्र आलोकित हो उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री सत्यधर्म मंडल, श्रीराम मंदिर बड़ी माता मंदिर ट्रस्ट एवं श्रीरामलीला मंडल के संयुक्त तत्वावधान में सायं 6 बजे किया गया। आरती के पश्चात भक्तों ने सपरिवार भगवान श्रीराम के चरणों में दीप प्रज्वलित किए और सामूहिक रूप से गोवर्धन पूजन में भाग लिया। पूरे मंदिर परिसर में “जय श्रीराम” और “गोवर्धन महाराज की जय” के जयघोष गूंजते रहे। प्रांगण में भूमि पर गोबर एवं रंगोली से भगवान श्रीकृष्ण एवं गोवर्धन पर्वत की प्रतिकृति स्वप्निल विश्वकर्मा द्वारा तैयार की गई।
ट्रस्ट के अध्यक्ष मुकुल सोनी ने बताया कि देव दीपावली भगवान श्रीराम के चरणों में भक्ति, प्रकाश और एकता का प्रतीक पर्व है, जो लोक आस्था और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। ट्रस्ट की ओर से धर्मप्रेमी बंधुओं द्वारा पाँच दीपक लाकर सामूहिक दीप प्रज्वलन की परंपरा निभाई गई, जिससे परिसर दीपों की माला से सज गया। युवाओं के द्वारा इस अवसर पर प्रांगण में रंग बिरंगी आतिशबाजी भी की गई।
ट्रस्ट के सचिव सतीश दुबे लाला ने बताया कि रात्रि 9 बजे से श्री श्री मां भगवती देवी जागरण ग्रुप ने मनमोहक भजनों की प्रस्तुति दी। भक्ति गीतों की मधुर ध्वनियों से वातावरण गूंज उठा और श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में सराबोर रहे। “जय श्रीराम”, “गोवर्धनधारी गिरिधर गोपाल” और “राम नाम की लूट है” जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। उन्होंने कहा कि इस पर्व का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज में भक्ति, सद्भाव और सांस्कृतिक एकता को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि दिनभर मंदिर परिसर में श्री गोवर्धन परिक्रमा पूजन का आयोजन भी हुआ, जिसमें अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के सफल संचालन में सत्यधर्म मंडल के सदस्यों एवं श्रीरामलीला मंडल के कलाकारों सहित स्थानीय नागरिकों का विशेष योगदान रहा।

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