मुख्यालय से सटी पंचायतों में भ्रष्टाचार का बोलबाला, धुंधले बिलों की धांधली ने बढ़ाई जनता की परेशानी
मुख्यालय से लगी ग्राम पंचायतों के भी बुरे हाल, धुंधले बिलों की धांधली बनी आम जनता की मुसीबत
शिकायत से लेकर जांच तक सिमटा कार्रवाई के नाम पर केवल वसूली..

रेवांचल टाइम्स मंडला- आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र मंडला जिले में ग्रामीण अंचल क्षेत्र पर गवन, भ्रष्टाचार रिस्वखोरी तो चरमसीमा पार कर चुका है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी आज भी केवल अपनी खानापूर्ति के अलावा कहीं कुछ कार्रवाई करते नहीं आते लेकिन धीरे धीरे ये भ्रष्टाचार ग्रामीण अंचल से लेकर अब जिला मुख्यालय की तरफ बढता नजर आ रहा जिससे साफ नजर आता है कि भ्रष्टाचार की देन जिले की कमान से ही संचालित की जा रही है
तत्कालीन जिला पंचायत सी.ई.ओ के स्थानांतरण के बाद नवागत सी.ई.ओ जिला पंचायत के आने के बाद ग्रामीण जनों को उनसे काफी उम्मीदें थी लेकिन शायद वो भी पंचायतों में बढ़ते भ्रष्टाचार को रोकने को नाकाम साबित हो रहे हैं.
ऐसा ही नया मामला जिला मुख्यालय से लगा महज पांच किलोमीटर दूर की पंचायत देवदरा का है जहां पर धुंधले बिलों से ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव धांधली करने। में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं बिल ऐसे लगाये जा रहे हैं जिनमें लिखा क्या है मैग्नीफाइन ग्लास से देखने पर भी न शब्द समझ आते हैं और न अंक लेकिन पंचायत दर्पण के पोर्टल में अपलोड पूरी तरह है जिससे साफ नजर आता है कि पंचायत के सरपंच सचिव अपनी कमाई और शासकीय राशि का बंदरबांट करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं
वहीं सूत्र बताते हैं कि ग्राम पंचायत देवदरा में अनेक ऐसे काम है जो हुए ही नहीं हैं लेकिन फिर भी राशि आहरण कर ली गई है
वहीं जब कुछ ग्रामीणों से रेवांचल की टीम ने बात की तो पता चला कि ग्राम पंचायत देवदरा में लगे बिलों को दर्पण में देख लीजिए भ्रष्टाचार की पूरी कहानी दर्पण ही बता देगा की पंचायत में कितना भ्रष्टाचार सरपंच सचिव कर रहे हैं और उनकी कितनी ही शिकायत की गई लेकिन आज तक किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई है बस जांच करेंगे इतना कहकर शिकायत दबा दी जाती है..
वहीं जब इस संबंध में पंचायत के कर्मचारी से फोन(मोबाइल) के द्वारा संपर्क करना चाहा तो उनके द्वारा फोन रिसीव करना उचित नहीं समझा गया इसलिए उनका पक्ष नहीं रख पाये..