खानपान बिगड़ने से बढ़ा गुदारोग का मर्ज… विश्व पाइल्स दिवस पर नेमा क्षारसूत्र संस्थान में 7 दिवसीय निःशुल्क शिविर का शुभारंभ

रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा ‘विश्व पाइल्स दिवस’ के अवसर पर, नेमा क्षारसूत्र संस्थान में बुधवार को 7 दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का भव्य शुभारंभ हुआ। संस्थान के अध्यक्ष डॉ. पवन नेमा ने भगवान धनवंतरि के पूजन के साथ इस जन-कल्याणकारी आयोजन का श्रीगणेश किया।
*पहले दिन 58 रोगियों की निःशुल्क जाँच*
शिविर के पहले दिन, संस्थान द्वारा 58 रोगियों की निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच की गई और सभी को निःशुल्क औषधियों का वितरण किया गया। इस दौरान, अतिथियों को औषधीय पौधे एवं बीज भेंट कर पर्यावरण और स्वास्थ्य संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया।
डॉ. पवन नेमा ने स्वास्थ्य संबंधी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “खानपान बिगड़ने से कब्ज की समस्या बढ़ी है, जिसके कारण लोगों में गुदारोग का मर्ज तेजी से बढ़ रहा है।”
जागरूकता बढ़ाना है मुख्य उद्देश्य
एम.एस. (प्रसूति एवं स्त्री रोग), एनआईए जयपुर की विशेषज्ञ डॉ. रश्मि नेमा ने बताया कि हर वर्ष 20 नवंबर को विश्वभर में ‘विश्व पाइल्स दिवस’ मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को इस बीमारी, उसके कारणों और उपचार के प्रति जागरूक करना है।
भारत में बढ़ती समस्या: समय पर निदान क्यों ज़रूरी
भारत में हर साल 10 मिलियन लोग पाइल्स से प्रभावित होते हैं।
विश्व जनसंख्या का लगभग 4.5% भाग पाइल्स के लक्षणों से पीड़ित है।
डॉ. पवन नेमा और डॉ. रश्मि नेमा ने स्पष्ट किया कि आम जनमानस में जागरूकता की कमी के कारण लोग खून आना, दर्द और कब्ज जैसे लक्षणों को केवल ‘पाइल्स’ समझ लेते हैं, जबकि ये लक्षण फिस्टुला, फिशर, रेक्टल प्रोलेप्स, पॉलिप और यहाँ तक कि कैंसर जैसी कई गंभीर गुदारोगों में समान होते हैं। इसलिए समय पर सही निदान बेहद महत्वपूर्ण है।
बिना चीर-फाड़ क्षारसूत्र पद्धति से उपचार
नेमा क्षारसूत्र संस्थान पिछले कई वर्षों से इन गुदारोगों का उपचार आयुर्वेदिक औषधियों एवं बिना चीर-फाड़ वाली ‘क्षारसूत्र पद्धति’ से कर रहा है, जिसके अत्यंत सकारात्मक परिणाम मिले हैं।
संस्थान के संस्थापक डॉ. पवन नेमा ने बताया कि शिविर में गंभीर मरीजों के लिए विशेष सेवा रखी गई है। जिन मरीजों में घातक गुदारोग पाए गए, उनका उपचार संस्थान द्वारा निःशुल्क किया गया। कार्यक्रम के अंत में सेवा दे रहे सभी स्वास्थ्य सहायकों का सम्मान कर उनका आभार व्यक्त किया गया।