मॉडल रोड बैठक में ‘पार्षद-नपा अध्यक्ष’ तकरार स्टेशन रोड पर सुझाव कम, हंगामा ज़्यादा

रेवांचल टाइम्स परासिया, छिंदवाड़ा नगर पालिका परासिया द्वारा प्रस्तावित मॉडल रोड निर्माण को लेकर शनिवार को स्टेशन रोड क्षेत्र में आयोजित सुझाव बैठक भारी हंगामे की भेंट चढ़ गई। यह बैठक सुझावों से ज़्यादा, पार्षदों और प्रशासन के बीच सूचना और समन्वय की कमी को लेकर हुए तीखे विवाद के कारण सुर्खियों में रही।
उपेक्षा का आरोप पार्षदों ने किया बैठक का बहिष्कार
बैठक का माहौल तब गरमा गया जब वार्ड 9 और 10 के पार्षदों ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए।
वार्ड 9 के पार्षद आशीष जायसवाल ने बैठक की सूचना न दिए जाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज की और इसे प्रशासन की उपेक्षा करार देते हुए विरोध-स्वरूप तत्काल बहिष्कार कर दिया। उनका यह कदम नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सीधा प्रश्नचिन्ह लगाता है, विशेष रूप से तब जब परियोजना उनके वार्ड के नागरिकों से जुड़ी है।
इसके बावजूद, वार्ड 10 के पार्षद अनुज शंकरलाल पाटकर बैठक में मौजूद रहे और उन्होंने प्रस्तावित डीपीआर का बारीकी से अवलोकन किया।
जनता का ‘दो टूक’ फैसला: खुदाई हो, डिवाइडर नहीं!
शुरुआती हंगामे के बावजूद, बैठक में उपस्थित सैकड़ों गणमान्य नागरिकों ने अधिकारियों के सामने अपने मजबूत और स्पष्ट सुझाव रखे, जिसने बैठक को अत्यधिक महत्वपूर्ण बना दिया:
सड़क की खुदाई अनिवार्य: नागरिकों ने एक स्वर में मांग की कि सड़क निर्माण वर्तमान सड़क की खुदाई करके ही किया जाना चाहिए। उनका तर्क था कि लंबे समय से सड़क ऊँची होने के कारण कई मकानों का स्तर नीचे हो चुका है, और खुदाई से ही सड़क-मकान का स्तर समतल हो पाएगा, जिससे निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।
डिवाइडर का कड़ा विरोध: नागरिकों ने सड़क पर डिवाइडर के निर्माण का स्पष्ट और कड़ा विरोध किया।
जल निकासी पर विशेष जोर: क्षेत्र में बरसात में होने वाले गंभीर जलभराव की समस्या को देखते हुए, नागरिकों ने सीवरेज लाइन के माध्यम से गंदे पानी की निकासी को सुव्यवस्थित करने पर विशेष बल दिया।
बैठक में उपस्थिति
हंगामेदार शुरुआत के बावजूद, बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवी, पार्षद अनुज शंकरलाल पाटकर, पार्षद पवन सूर्यवंशी समेत वरिष्ठ समाजसेवी जगदीश चौरसिया, भाजपा नेता भरत जैन, पीयूष बत्रा, महेश गुप्ता, सुभाष अरोरा, और दोनों वार्डों के अनेक गणमान्य नागरिक एवं राजनीतिक दलों के नेता उपस्थित रहे।
नागरिकों के मजबूत और एक समान सुझावों ने अब मॉडल रोड की रूपरेखा को स्पष्ट दिशा दी है, जिसे प्रशासन को गंभीरता से लेना होगा।