सर्दियों में सेहत का सुपरफूड है मक्के की रोटी, जानें क्यों करनी चाहिए डाइट में शामिल

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सर्दियों के मौसम में अगर आप अपनी थाली में स्वाद और सेहत से भरपूर चीज शामिल करना चाहते हैं तो मक्के की रोटी एक बेहतर विकल्प है। देशी घी और सरसों के साग के साथ मक्के की रोटी का स्वाद लाजवाब लगता है। यह शरीर को गर्म रखता है क्योंकि मक्का में भरपूर मात्रा में विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स होता है, जो शरीर की थर्मल एक्टिविटी को बढ़ाता है। इससे शरीर अंदर से गर्म रहता है और भरपूर ऊर्जा भी बनी रहती है।

ठंड के दिनों में मक्के की रोटी खाना शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स से बचाता है। इसे आप अपनी सर्दी की डाइट में शामिल कर सकते हैं।

वजन कम करे

सर्दियों में अक्सर वजन तेजी से बढ़ता है, ऐसे में वजन को नियंत्रित करने के लिए भी मक्के की रोटी मदद करती है। मक्के की रोटी भारी होती है और एक बार खाने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती है। मक्के में फाइबर बहुत ज्यादा मात्रा में होता है, जिसकी वजह से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और पेट भी भरा रहता है।

पेट से जुड़ी समस्या

मक्के में घुलनशील फाइबर होता है, जो आसानी से आंतों में घुल जाता है। ऐसे में जिन लोगों के पेट से जुड़ी परेशानी जैसे गैस या कब्ज से जुड़ी परेशानियां होती हैं, उनके लिए मक्के की रोटी का सेवन करना अच्छा रहता है। घुलनशील फाइबर आंतों को साफ करने में मदद करता है और पेट की कब्ज को तोड़ता है। इसके साथ ही मक्के का सेवन करने से पाचन अग्नि भी तेज होती है और खाना अच्छे से पचता है।

खराब कोलेस्ट्रॉल

मक्के में फाइबर के साथ पॉलीफेनोल्स भी होते हैं, जो खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं। पॉलीफेनोल्स एक तरह का शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर को कई खतरनाक बीमारियों से बचाते हैं। मक्के के सेवन से बढ़े कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित किया जा सकता है।

विटामिन डी की पूर्ति

मक्के में फाइटोन्यूट्रिएंट्स गुण भी होते हैं, जो शरीर में विटामिन डी के अवशोषण को तेज करते हैं। शरीर में विटामिन डी की पूर्ति तभी हो पाती है, जब कैल्शियम और बाकी यौगिक सही मात्रा में हों। इसलिए सर्दियों में मक्के की रोटी के साथ धूप बराबर मात्रा में लें।

दिमाग

सर्दियों में मक्के की रोटी का सेवन दिमाग के लिए भी अच्छा होता है, इससे हैप्पी हार्मोन बनते हैं। साथ ही स्किन चमकदार होती है और शरीर में रक्त संचार सही तरीके से हो पाता है।

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