मनरेगा का नाम एवं मूल स्वरूप बदले जाने के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किया,

रेवाँचल टाईम्स -मंडला, जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अशोक मर्सकोले ने कहा कि 20 साल पहले डॉ. मनमोहन सिंह जी प्रधानमंत्री थे, तब संसद में मनरेगा कानून आम राय से पास किया गया था। यह ऐसा क्रांतिकारी कदम था, जिसका फायदा करोड़ों ग्रामीण परिवारों को मिला था। खासतौर पर वंचित, शोषित, गरीब और अतिगरीब लोगों के लिए रोजी-रोटी का जरिया बना।

पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष एड राकेश तिवारी ने अपने व्यक्तव्य में कहा कि रोजगार के लिए अपनी माटी, अपना गांव, अपना घर-परिवार छोड़कर पलायन करने पर रोक लगी। रोजगार का कानूनी हक़ दिया गया, साथ ही ग्राम पंचायतों को ताकत मिली। मनरेगा के जरिए महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपनों के भारत की ओर एक ठोस कदम उठाया गया।

पिछले 11 साल में मोदी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार, गरीबों और वंचितों के हितों को नजरअंदाज कर मनरेगा को कमजोर करने की हर कोशिश की, जबकि कोविड के वक़्त ये गरीब वर्ग के लिए संजीवनी साबित हुआ।

लेकिन बहुत अफसोस की बात है कि अभी हाल में सरकार ने मनरेगा पर बुलडोजर चला दिया। न सिर्फ महात्मा गांधी का नाम हटाया गया, बल्कि मनरेगा का रूप-स्वरुप बिना विचार-विमर्श किए, बिना किसी से सलाह-मशवरा किए, बिना विपक्ष को विश्वास में लिए मनमाने ढंग से बदल दिया गया।

अब किसको, कितना, कहां और किस तरह रोजगार मिलेगा, यह जमीनी हकीकत से दूर दिल्ली में बैठकर सरकार तय करेगी।

कांग्रेस का मनरेगा को लाने और लागू करने में बड़ा योगदान था, लेकिन यह पार्टी से जुड़ा मामला कभी नहीं था। ये देशहित और जनहित से जुड़ी योजना थी। मोदी सरकार ने इस कानून को कमजोर करके देश के करोड़ों किसानों, श्रमिकों और भूमिहीन ग्रामीण वर्ग के गरीबों के हितों पर हमला किया है।

इस हमले का मुकाबला करने के लिए हम सब तैयार हैं। 20 साल पहले अपने गरीब भाई-बहनों को रोजगार का अधिकार दिलवाने के लिए कांग्रेस लड़ी थी, आज भी इस काले कानून के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष एड रजनीश रंजन उसराठे ने इस योजना को लेकर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मेरे जैसे कांग्रेस के सभी नेता और लाखों कार्यकर्ता केंद्र सरकार का इस मामले को लेकर विरोध कर रहे हैं,सरकार गरीब मजदूरों के साथ अन्याय कर रही है,उनके रोजगार छीन रही है,मंडला जैसे पिछड़े जिलों में लोग रोजगार के अभाव में पलायन करने मजबूर हैं।
सरकार को जल्द ही इस योजना को मूल स्वरूप में वापस लाना चाहिए।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस के सभी वरिष्ठ पदाधिकारीगण मातृ शक्ति पार्षदगण एवं ऊर्जावान कार्यकर्ता साथी उपस्थित रहे।

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