महर्षि विद्या मंदिर में उमड़ी शांति की लहर, विद्यार्थियों ने सीखा भावातीत ध्यान का विज्ञान

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*रेवांचल टाइम्स​ छिंदवाड़ा|स्थानीय नागपुर रोड स्थित महर्षि विद्या मंदिर में सोमवार, 22 दिसंबर को उत्साहपूर्वक ‘अंतर्राष्ट्रीय ध्यान दिवस’ मनाया गया। यद्यपि यह दिवस प्रतिवर्ष 21 दिसंबर को मनाया जाता है, किंतु इस वर्ष रविवार का अवकाश होने के कारण विद्यालय परिवार ने सोमवार को सामूहिक ध्यान के माध्यम से इस विशेष दिन को गरिमामय बनाया।
​आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हुआ परिसर
​कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की दैनिक प्रार्थना के साथ हुआ, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके पश्चात स्कूल के समस्त स्टाफ और विद्यार्थियों ने एक साथ बैठकर प्राणायाम एवं भावातीत ध्यान का अभ्यास किया। कुछ समय के लिए पूरा परिसर गहन शांति और सकारात्मक ऊर्जा के केंद्र में बदल गया।
​ध्यान का वैज्ञानिक पक्ष
​इस अवसर पर विद्यालय के ध्यान शिक्षक आधार सिंह सिसोदिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ब्रह्मलीन पूज्य महर्षि महेश योगी द्वारा प्रतिपादित ‘भावातीत ध्यान’ की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि:
​ध्यान केवल आध्यात्मिक क्रिया नहीं, बल्कि इसके पीछे गहरा वैज्ञानिक आधार है।
​हजारों वैज्ञानिक शोधों ने सिद्ध किया है कि नियमित ध्यान से मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ती है।
​यह तनाव मुक्ति और एकाग्रता का सबसे सरल माध्यम है।
​सफलता के लिए ‘ध्यान’ अनिवार्य: प्राचार्या
​कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की प्राचार्या सुश्री श्रद्धा त्रिपाठी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में भावातीत ध्यान के व्यक्तिगत अनुभवों को साझा किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि:
​”जीवन में भौतिक उन्नति और आध्यात्मिक शांति के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है। यदि विद्यार्थी अपने जीवन में ध्यान को उतारते हैं, तो वे न केवल शैक्षणिक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे, बल्कि एक सकारात्मक व्यक्तित्व का निर्माण भी कर सकेंगे।”
​इस आयोजन ने विद्यार्थियों को मानसिक शांति और अनुशासन के नए मार्ग से परिचित कराया।

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