बस स्टैंड अव्यवस्था पर प्रशासन मौन तहसीलदार व थाना प्रभारी की भूमिका सवालों के घेरे में
रेवांचल टाइम्स नारायणगंज मंडला ग्राम पंचायत पड़रिया अंतर्गत बस स्टैंड परिसर में वर्षों से चली आ रही हाथ ठेला अव्यवस्था को लेकर प्रशासन की चुप्पी अब सवालों के घेरे में आ गई है। पंचायत द्वारा तहसीलदार नारायणगंज एवं थाना प्रभारी टिकरिया को लिखित रूप से अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से प्रशासनिक उदासीनता उजागर हो रही है।ग्राम पंचायत पड़रिया द्वारा दिनांक 19 दिसंबर 2025 को भेजे गए पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि बस स्टैंड परिसर में अवैध रूप से लगाए गए हाथ ठेलों के कारण यात्रियों एवं आम नागरिकों का आवागमन बाधित हो रहा है। कई बार विवाद की स्थिति भी निर्मित हो चुकी है। पंचायत का कहना है कि ग्राम सभा में प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में ठेला व्यवसायियों के लिए 30×40 फीट का स्थान निर्धारित किया गया था, इसके बावजूद कुछ व्यवसायी मनमानी करते हुए प्रतिबंधित एवं मुख्य मार्गों पर दुकानें लगा रहे हैं।पंचायत का आरोप है कि बार-बार नोटिस जारी करने और समझाइश देने के बावजूद न तो राजस्व विभाग और न ही पुलिस विभाग द्वारा प्रभावी कार्रवाई की गई, जिससे हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों में यह प्रश्न उठ रहा है कि जब ग्राम पंचायत स्वयं लिखित शिकायत कर रही है, तो तहसीलदार और थाना प्रभारी द्वारा अब तक सख्त कदम क्यों नहीं उठाए गए।ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो बस स्टैंड परिसर में किसी भी समय बड़ा विवाद हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इनका कहना
पंचायत द्वारा हाट बाजार की वसूली की जाती है, यह पंचायत की जिम्मेदारी है। हालांकि पड़रिया पंचायत द्वारा अतिक्रमण हटाने का आवेदन दिया गया है। मौके पर जाकर लोगों को समझाइश दी जाएगी और निर्धारित स्थान पर ही दुकान लगाने के निर्देश दिए जाएंगे।
संगम पटले, तहसीलदार नारायणगंज