क्या नायब तहसीलदार की तहसील कार्यालय से होगी निष्पक्ष जांच

दैनिक रेवाँचल टाईम्स – सिवनी, सिवनी जिले की बंडोल और धूमा उपतहसील में पदस्थ रहे पूर्व नायब तहसीलदार ललित ग्वालवंशी के कारनामों की हुई शिकायत पर विभागीय कार्यालय से हुये जांच के निर्देश के बाद सिवनी में राजस्व अधिकारी पूर्व नायब तहसीलदार ललित ग्वालवंशी को बचाने में लगे हुए हैं। और जांच को प्रभावित कर रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नायब तहसीलदार ललित ग्वालवंशी ने बंडोल उपतहसील में पदस्थ रहते हुए नियमविरुद्ध तरीके कई ग्रामो के कोटवारो की नियुक्ति आर्थिक लाभ लेकर की थी। तो वहीं उपतहसील बंडोल और धूमा में शासकीय पद में रहते हुए हर्बल लाइफ नाम की कम्पनी के लिए कार्य करते हुए अधीनस्थ शासकीय कर्मचारियों को व उनके परिवार के सदस्यों के नाम से उक्त कंपनी पर सदस्य बनाया गया । जिनमें तहसील के सहायक ग्रेड -3 रीडर, पटवारी और राजस्व निरीक्षक के साथ कुछ नायब तहसीलदार के नाम भी सामिल है। वही नायब तहसीलदार ललित ग्वालबंशी वर्तमान में जबलपुर जिला में पदस्थ हैं। चूंकि नायब तहसीलदार ललित ग्वालवंशी पूर्व में सिवनी जिले में पदस्थापना के द्वारान किए गए। नियम विरुद्ध कार्यों की हुई शिकायत पर जांच सिवनी जिले से कराई जा रही है। जहा तहसील कार्यालय सिवनी पर जांच हेतु पत्र आया हुआ है। तो वहीं जांच को निष्पक्षता से परे करने कराने के लिए तहसील कार्यालय सिवनी में पदस्थ राजस्व निरीक्षक धीरेन्द्र गुमास्ता अपनी मेहती भूमिका निभा रहे हैं। जहा राजस्व निरीक्षक के द्वारा एक फार्मेट बनाकर पटवारियों से श्री ललित ग्वालवंशी नायब तहसीलदार के पक्ष में कथन लिखवाये गये है।
“”कि बंडोल में अक्टूबर 2023 से अप्रैल 2025 तक श्री ललित ग्वालवंशी नायब तहसीलदार पदस्थ थे इनके द्वारा हमें कभी भी हर्बल प्रोडक्ट विक्रय नहीं किए गए हैं ना ही कभी इस प्रकार के किसी प्रोडक्ट को खरीदने हेतु मेंबर बनाया ना ही कार्यालय में या अन्य जगह हर्बल उत्पाद खरीदने हेतु मीटिंग में बुलाया हमें इस बात की भी जानकारी नहीं है कि वह किसी भी हर्बल प्रोडक्ट के उपयोग के लिए बोलते थे यही मेरा कथन है।”””
बंडोल राजस्व निरीक्षक के द्वारा कथन का एक हस्त लिखित फॉर्मेट तैयार कर पटवारीयो को दिया गया है कि आप ऐसा लिखकर प्रस्तुत करें।
कुल मिलाकर पूर्व नायब तहसीलदार ललित ग्वालबंसी की हुई शिकायत पर की जा रही जांच निष्पक्ष रूप से नहीं हो रही है। बल्कि पूर्व नायब तहसीलदार ललित ग्वालवंशी को बचाने के लिए जांच को प्रभावित किया जा रहा है। जांच में लिए जा रहे कथन बयान यदि जांच अधिकारी के द्वारा स्वयं हस्तलिखित बयान का फार्मेट बनाकर बयान या कथन लिए जा रहे हैं तो इससे स्पष्ट है।कि जांच निष्पक्ष नहीं हो रही। और ऐसा भी नहीं है कि पूर्व नायब तहसीलदार ललित ग्वालबंसी के द्वारा किसी हर्बल प्रोडक्ट कम्पनी से शासकीय कर्मचारियों को ना जोड़ा गया हो। प्राप्त जानकारी के मुताबिक भोमा सर्कल के और सुकतरा के राजस्व निरीक्षक, भोमा हल्का के पटवारी, सिवनी शहर के दो पटवारी के साथ कान्हीवाडा व अन्य कई पटवारी की जानकारी के साथ तहसील कार्यालय सिवनी व गंगेरुआ के रीडर सामिल है।
एक अधिकारी दूसरे अधिकारी को बचाने के लिए पूरा प्रयास करता है और शायद यही कारण है कि नायब तहसीलदार ललित ग्वालबंसी की हुई शिकायत पर जांच को प्रभावित करने कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। बहरहाल पूरेमामले पर एक बार फिर उच्च अधिकारियों को और ईओडब्ल्यू को जांच को प्रभावित करने को लेकर शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
तो वही नायब तहसीलदार ग्वालवंशी की जांच के लिए बनाए गए जांच दल के सदस्य बंडोल राजस्व निरीक्षक धीरेंद्रसिंह गुमास्ता जांच को प्रभावित करते हुए दोषी अधिकारी को बचाने में लगे हुए हैं और क्या कह रहे हैं पढ़िए….!
“” ललित ग्वालबंसी जी की कौन सी जांच ,नई जी कौन सी जांच जानकारी नहीं है मुझे””
*धीरेन्द्र सिंह गुमास्ता राजस्व निरीक्षक बंडोल सर्किल*
“”मुझे नहीं पता भाई काय की जांच और क्या है। मैंने किसी कंपनी की जॉइनिंग के नाम से कोई पैसे फोन पे पर नहीं लिए “”
*ललित ग्वालवंशी नायब तहसीलदार पोंडा तहसील मंझौली*
“”अच्छा अच्छा जो अपने कार्य के साथ साथ अन्य कुछ भी करते हैं।हां तो उसमें हमने आर आई पटवारीयो के ब्यान करवा लिए हैं केवल एक बाबू जो पहले यहीं बंडोल में थे। वर्तमान में बरघाट में है उनके ब्यान शेष रह गए हैं। और आर आई गुमास्ता जी भी जांच दल के सदस्य हैं।””
*नितिन चौधरी तहसीलदार सिवनी*