रोजाना सिर्फ 20 मिनट का मेडिटेशन आपके दिमाग को करता है री-स्टार्ट, जानिए कई मायने में इसके फायदे
भागदौड़ भरी जिंदगी में मेहनत और संघर्ष करते हुए व्यक्ति कई तरह की समस्याओं से घिरे होते है। हर कोई एक-दूसरे से आगे निकलने और फिट दिखाने की होड़ के चलते अपने शारीरिक फिटनेस पर तो ध्यान देते है लेकिन मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचाते है। यानि अवसाद और तनाव की समस्याएं व्यक्ति को प्रभावित करने का काम करता है। मन और दिमाग पर अशांति का आलम तनाव और अनिद्रा को नुकसान पहुंचाने का काम करता है। इन सभी समस्याओं से बाहर निकालने के लिए ध्यान यानि मेडिटेशन सबसे जरूरूी और सफल कारगर उपाय होता है।
जानिए क्यों जरूरी है ध्यान
जीवन में ध्यान को क्यों अपनाना चाहिए और आयुर्वेद में इसका क्या स्थान है। इन बातों के बारे में बताया गया है। ध्यान केवल आंखें बंद करके बैठना नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर की असीम ऊर्जा से जुड़ने का विज्ञान है। दिन में 20 मिनट का मेडिटेशन मन, मस्तिष्क और पूरे शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ असीम शांति देता है। आयुर्वेद में ध्यान को तन और मन के स्वास्थ्य से जोड़ा गया है, जो तन और मन दोनों को शांत कर प्रसन्न रखने की कोशिश करता है। इसके अलावा विज्ञान की बात की जाए तो, मेडिटेशन करना दिमाग को री-स्टार्ट करने जैसा होता है। जो मस्तिष्क में ‘अल्फा’ और ‘थीटा’ तरंगों का उत्सर्जन करता है और ‘ओवरक्लॉकिंग’, यानी ओवर थिंकिंग, को रोकने की कोशिश करता है।
तन और मन को मिलती है ताजगी
यहां पर बात करें तो, ध्यान करने के कई मायने होते है जो मन और तन दोनों को सुरक्षित रखने का काम करता है। रोजाना 20 मिनट ध्यान करने से तनाव में कमी आती है और ‘कोर्टिसोल’ (तनाव हार्मोन) शरीर में कम बनता है। ध्यान शरीर में हैप्पी हार्मोन की वृद्धि करता है और अच्छे ख्यालों और खुश रहने पर फोकस करता है। इसके अलावा जिन्हें भूलने की आदत होती है वे ध्यान को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
गर्भावस्था में महिलाएं करें ध्यान
बच्चे से लेकर बड़ों के लिए ध्यान करना फायदेमंद माना जाता है। गर्भावस्था के दौरान और गर्भावस्था के बाद भी महिलाओं में भूलने की परेशानी अधिक देखी जाती है और ये हार्मोन के असंतुलन की वजह से होता है। इस स्थिति में ध्यान करने के फायदे होते है तो वहीं पर याद्दाश्त को बढ़ाने का काम करता है। इससे सीखने की क्षमता भी बढ़ती है।
ये जानकर हैरानी होगी कि ध्यान शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी सहायक है। रोजाना ध्यान करने से बीमार होने का खतरा भी कम होता है और मानसिक स्वास्थ्य को भी बढ़ावा मिलता है। ध्यान ‘मेलाटोनिन,’ यानी नींद के हार्मोन, को बनने में मदद करता है, जिससे अच्छी और गहरी नींद आ सके। जो व्यक्ति नियमित ध्यान करते है ऐसे लोगों देरी से बुढ़ापा आता है यह कोशिकाएं की मरम्मत सही तरीके से करता है।