मकर संक्रांति के अवसर पर सैकड़ों नर्मदा श्रद्धालुओं ने नर्मदा बचाने का संकल्प लिया
दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मंडला,चुटका किंदरई परमाणु परियोजना प्रभावितों द्वारा विगत दो दिन के मकर संक्रांति अवसर पर गौरी घाट में नर्मदा स्नान करने आए श्रद्धालुओं को प्रस्तावित परियोजना के खतरे से अवगत कराया और पर्चा वितरण किया गया। इस अवसर पर नर्मदा श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम स्थल पर रुककर परमाणु परियोजना से होने वाले खतरे को समझा और नर्मदा को संरक्षित करने की बात कही है। नुक्कड़ सभा में बात रखते हुए बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के राज कुमार सिन्हा ने कहा कि नर्मदा नदी में मिलने वाले सीवेज के गंदा पानी को अलग करने का तकनीक देश और दुनिया के पास है, परन्तु विकिरण युक्त तत्व पानी मिलेगा तो उसे अलग करने का तकनीक विश्व में विकसित नहीं हुआ है। दूसरा चुटका एवं किंदरई परमाणु संयंत्र भौगोलिक रूप से भूकंपीय सोन- नर्मदा भ्रंश (फॉल्ट) क्षेत्रों में स्थित है। दोनों परियोजना भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत सक्रिय क्षेत्र में है और यह स्थल लगभग सीधे उसी भ्रंश क्षेत्र के ऊपर स्थित है, जहां 6 रेक्टर या उससे अधिक की तीव्रता वाले कई भूकंपों का केंद्र रहा है। इसलिए सरकार को इस परियोजना के बारे में पुनर्विचार करना चाहिए। राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के विवेक अवस्थी ने कहा कि एरियल रुट से चुटका – जबलपुर शहर की दूरी मात्र 45 किलोमीटर है। दुर्घटना होने पर जबलपुर शहर सबसे ज्यादा प्रभावित होगा। उन्होंने ने कहा कि लाखों श्रद्धालु नर्मदा को मां मानते हैं, इसे प्रयोगशाला नहीं बनने दिया जाएगा।चुटका परमाणु विरोधी संघर्ष समिति के अध्यक्ष दादु लाल कुङापे ने कहा कि आज दो दर्जन लोग इस जत्थे में शामिल होने आए हैं।हम अंतिम दम तक इस संघर्ष को जारी रखेंगे।
इस संघर्ष को समर्थन देने मोना कौरव जिला पंचायत सदस्य नरसिंहपुर,भगत राम सिंह पूर्व पार्षद,सोनू दुबे, राजेश चौबे,शिव कुमार (गुड्डू) चौबे, सरवन, मुन्ना यादव उपस्थित हुए।
विवेक अवस्थी (9425156487)
दादु लाल कुङापे (9424305836)