नेशनल हाईवे-30: बना मौत का हाईवे रोज बह रहा खून, कब जागेगा सिस्टम? हाईवे दो की मौत नो घायल हुई मजदूर….

रेवांचल टाइम्स – मंडला जिले में सालों से अधूरी पड़ी नेशनल हाईवे-30 अब केवल एक सड़क नहीं, बल्कि मौत की हाईवे बन चुकी है। जहाँ कोई एक ऐसा दिन नही बीतता कब वह किसी सड़क में चलने वाले बेगुनाह का खून न पीती हो नेशनल हाईवे तीस को मौत का हाईवे भी कहा जा सकता है जहाँ गड्ढों, अव्यवस्थित सडक़ जहाँ डायवर्जन, अंधे मोड़ों और बिना सुरक्षा इंतजामों के यह मार्ग रोज किसी न किसी परिवार की खुशियां छीन रहा है। मंत्री-विधायक मंचों से सिर्फ आश्वासन बाँटते रहे और जमीनी हकीकत में यह हाईवे आज भी लोगों का खून पी रहा है।
हृदय विदारक हादसा हुआ जहाँ एक बेलगाम कार पैसों के नशे में चूर और मजदूरों को जानवरों की तरह रौंदते भाग गया मानवता को तार तार करते 11 मजदूर रौंदे गए, 2 की मौके पर मौत हो गई
ताज़ा मामला NH-30 गौर बायपास जबलपुर में ग्राम बम्होरी का है, जहां मंडला जिले के विकासखंड वीजाडांडी के मजदूर सड़क किनारे काम कर रहे 11 मजदूरों को तेज रफ्तार क्रेटा कार ने कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो जाने की जानकारी प्राप्त हुई है, और 9 अन्य मजदूर गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती किया गया हैं, जिनमें कुछ की स्थिति नाजुक बताई जा रही है। वाहन चालक की लापरवाही की खुली किताब प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे वाली जगह पर—वर्षो से चल रहा है काम
न तो स्पीड ब्रेकर थे न रिफ्लेक्टर/साइन बोर्ड न ही मजदूरों की सुरक्षा के लिए कोई बैरिकेडिंग सड़क अधूरी, और अव्यवस्थित, यह हादसा दुर्घटना नहीं बल्कि पूर्व नियोजित सिस्टम फेलियर है।
जिम्मेदार कौन?
अधूरा हाईवे बनाने वाला ठेकेदार
निगरानी में विफल एम पी आर डी सी विभाग, आंख मूंदे बैठा प्रशासन
और वर्षों से सिर्फ वादे करने वाले जनप्रतिनिधि क्या मजदूरों की जान की कोई कीमत नहीं?
सवाल जो सिस्टम से पूछे जाने चाहिए
NH-30 का निर्माण वर्षों से क्यों अधूरा है?
जिम्मेदारो को अब तक कितनी मौतें और चाहिए? ठेकेदार पर कार्रवाई कब होगी? हादसों के बाद ही क्यों जागता है प्रशासन?
वही रोजाना NH-30 पर बहता खून इस बात का सबूत है कि शासन-प्रशासन और ठेकेदार की लापरवाही सीधे तौर पर हत्यारी है। अगर अब भी इस हाईवे को सुरक्षित नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में मौतों का आंकड़ा और बढ़ेगा।
यह केवल एक खबर नहीं, बल्कि व्यवस्था के मुंह पर तमाचा है।