
दैनिक रेवांचल टाइम्स सिवनी– मध्य प्रदेश शासन द्वारा विभागीय स्थानांतरण किए गए मगर तबादला होने के बाद भी कर्मचारी को अधिकारी और नेता रुकवाने में तुले हुए नजर आ रहें है मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के प्रति कितनी सजग है यह सब देखने के लिए कहीं दूर जाने की आवश्यकता नहीं आपको सिवनी जिला ही काफी है जहां एक तरफ भ्रष्टाचार में जेल की हवा खाने वाले अमर सिंह उईके को पुनः उसी पद में पदस्थ किया जाता है वही विभागों में हुए विभागीय स्थानांतरण के बाद भी कर्मचारी खबर लिखे जाने तक पुरानी सीट पर चिपके हुए हैं और अधिकारी उनको रिलीफ नहीं कर रहे हैं जबकि यह सारे वह कर्मचारी वो हैं जिन्होंने जनता को परेशान करने के आदि रहें और हमेशा अखबारों की सुर्खियां बनते रहे हैं।
सिवनी जिले के राजस्व विभाग में तबादले के विषय में सिवनी राजस्व अधिकारियों के द्वारा तमाम अधिकारियों को रिलीव कर दिया गया है परंतु शिवानी एसडीएम मेघा शर्मा के द्वारा अपने चाहते नीतीश तिवारी पटवारी को आज दिनांक तक रिलीव क्यों नहीं किया गया इस पटवारी से शिवानी एसडीएम को क्या मोह माया है यह समझ से परे है गली मोहल्ले में पटवारी नितेश तिवारी का ट्रांसफर चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर शिवानी एसडीएम शिवानी पटवारी नितेश तिवारी को क्यों नहीं हटा रही है।
सिवनी जिले के नेता छोटे-छोटे मामलों में भोपाल दिल्ली के चक्कर काटने लगते हैं मगर इन भ्रष्टाचारियों के तबादले के बाद भी हफ्ते भर से ज्यादा से इस सीट पर बैठकर पुराने कुकर्मों का सेटलमेंट कर रहे हैं और नेता मुख दर्शक बनकर तमाशा देख रहे हैं हमेशा चर्चाओं में रहने वाले कर्मचारियों का तबादला तो हुआ मगर यह कुर्सी प्रेम ही है कि आज भी वह जाने के लिए तैयार नहीं है और कोई विधायक तो कोई भोपाल के चक्कर लगा रहे हैं सिवनी जिले में बस यही देखने को मिलता है दागी कर्मचारी और अधिकारी यहां पर सुकून से नौकरी करता रहता है और नेता अपने नेतागिरी चमकाने में लगे रहते हैं।
वही जब रेवांचल की टीम ने सिवनी जिले में हुए पटवारी के स्थानांतरण में लगभग 10 पटवारी को रिलीफ कर दिया शेष पटवारी नितेश तिवारी को किन कारणों से रिलवी नही किया जा रहा है। इस संबध में सिवनी एस डी एम मेघा शर्मा से उनका पक्ष रखने के लिए उन्हें कॉल किया गया पर एस डी एम मेडम के द्वारा कॉल रिसीव नही की गया जिस कारण से उनका पक्ष नही रखा जा सका कि किन कारण से सभी पटवारी को रिलीव किया केवल एक को छोड़ दिया गया।