प्रधानमंत्री जन मन योजना में विभाग और ठेकदार की साठगाठ के चलते सड़क चढ़ गई भ्रष्टाचार की भेंट
दैनिक रेवांचल टाइम्स – डिंडोरी, मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिले डिंडोरी क्षेत्र में प्रधानमंत्री जन मन योजना के तहत बनने वाली डामर युक्त सड़कों में हो रही भारी अनियमितताएं थमने का नाम नहीं ले रही है निर्माण एजेंसियों पर लगातार गुणवत्ताहीन कार्य जाने के अरोप भी लग रहे हैं हम बात कर रहे हैं मेहदवानी विकासखंड अंतर्गत देवरगढ़ से बैगान टोला तक निर्माण कार्य कराया जाना था जिसकी लंबाई 1.90 किमी है और जिसकी लागत राशि 120. 73 लाख रुपए है जिसका निर्माण कार्य ठेकेदार सुरेंद्र कुमार राय द्वारा करवाया गया लेकिन ठेकेदार की मनमानी के चलते और विभाग की अनदेखी के चलते रोड भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई और जगह-जगह से दरारे पढ़कर फटने लगी जिसको आप फोटो वीडियो के माध्यम से स्पष्ट देख सकते हैं अगर इस तरह के ठेकेदार जिले में निर्माण कार्य करवाते रहेंगे तो अधिकतर सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती रहेगी वैसे भी यहां ठेकेदार निर्माण कार्य को लेकर हमेशा ही विवादों में घिरे रहे हैं पर न जाने आज तक अधिकारी इन पर क्यों मेहरबान है क्या राजनीतिक पकड़ या कुछ और ही बजे हैं यहां तो अपने आप में एक अहम सवाल है ग्रामीण इलाकों में हाल ही में अनियमिताएं सामने आ चुकी है प्रधानमंत्री जनमन योजना की सड़क भ्रष्टाचार की भेंट लगातार चढ़ रही है और जिम्मेदार जांच और कार्यवाही की बजाय सड़क की गुणवत्ता को सही ठहरा रहे हैं लगातार हो हो रही अनियमितताएओ से अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभाग और ठेकेदार की जुगलबंदी की से निर्माण कार्य को अंजाम दिया जा रहा है दरअसल मामला करंजिया विकासखंड के ग्राम पंचायत मोहतरा से बनाई जा रही सड़क भी मामला प्रकाश में आया था का जहां लगभग 195.5 Oलाख रुपए की लागत से बनाई गई मुख्य मार्ग से पोषक ग्राम बैगान टोला बरटोला गांव तक प्रधानमंत्री जन मन योजना के तहत डामर युक्त सड़क का निर्माण कार्य किया गया था जिसमें ठेकेदार की मनमानी और अधिकारियों की अनदेखी की से महज 15 दिनों में ही सड़क उखड़ने लगी थी एक बार फिर बैगा आदिवासियों के नाम पर बड़ा भ्रष्टाचार प्रधानमंत्री जन धन योजना के सड़क के नाम पर बड़ा खेल करोड़ों की सड़क महज खानापूर्ति ठेकेदार और अधिकारियों की मिली भगत चंद दिनों में जिले में बनने वाले सड़क के आए दिन लग रही खबर जिले भर में हुए घटिया सड़क का निर्माण कहीं हाथों से गिट्टी उखाड़ रहे तो कहीं सड़क फट गए तो कहीं सड़क बह गए आदिवासियों को गांव में सड़क बनने से खुशी थी लेकिन सड़क की हालत देखकर अब खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं जिले के जिम्मेदार जन प्रतिनिधि भी सड़क की गुणवत्ता को लेकर मामले में संज्ञान ले लाखों करोड़ों रुपए की सड़क जरूर देखें केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना है भाजपा सरकार की भी जिम्मेदारी बनती है सरकार की महत्वपूर्ण योजना का लाभ बैगा आदिवासियों को मिल रहा है कि नहीं ग्रामीणों ने अधिकारियों से भी शिकायत की है बावजूद इसके जिम्मेदार नियमों को तक में रखकर चुप्पी साधे बैठे हैं।