सहकारी समिति सिंगारपुर के कंप्यूटर ऑपरेटर की नचनियों के साथ रंगरेलिया मनाने वाला सोशल मीडिया में वीडियो तेजी हुआ वायरल…देखे वायरल वीडियो
सिंगारपुर सहकारी समिति का कंप्यूटर ऑपरेटर अपने मित्रो के साथ महिलाओं संग रंगरेलियां मनाते वीडियो में कैद, समिति प्रबंधक की भी भूमिका संदिग्ध

दैनिक रेवांचल टाइम्स मंडला/ जिले में इन दिनों सोशल मीडिया पर एक से बढ़ के एक वीडियो वायरल हो रहा हैं और बबाल मचा रहा हैं जिसको देखकर हर कोई के मुंह से एक ही शब्द निकल रहा हैं कि हाय राम…..ये कैसी आइयाशी करते हुए वीडियो बनायाकर किया जा रहा हैं वायरल
उक्त वीडियो मंडला जिले के विकास खंड मोहगांव के ग्राम सिंगारपुर सहकारी समिति लेम्प्स के कंप्यूटर ऑपरेटर दुर्गेश कुमार यादव और अपने दोस्तों के साथ कुछ रंग रलिया कुछ महिलाओं के साथ वीडियो में दिखाई पढ़ रहे हैं वीडियो में स्पष्ट समिति के कंप्यूटर अपरेटर दुर्गेश यादव का नाम सामने आ रहा हैं जिसमें मोहगांव के ग्राम सिंगारपुर की सहकारी समिति सिंगारपुर में पदस्थ एक कंप्यूटर ऑपरेटर का महिलाओं के साथ अय्याशी करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से हड़कंप मचा हुआ है। वीडियो सामने आने के बाद आम जनता में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। और कहा जा रहा है की एक कंप्यूटर अपरेटर के पास ऐसा कितना पैसा कमाया जो शराब शबाब और कबाब में उड़ाया जा रहा है! वही कुछ लोगो का कहना है पूर्व भी येसे ही कंप्यूटर आपरेटरो के कारनामे सामने आ चुके है जहाँ नैनपुर जनपद पंचायत, और जनपद पंचायत भुआ बिछिया व विकास खंड निवास के खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में पदस्थ कंप्यूटर आपरेटरो ने जानता की गढ़ी कमाई मै डाका डाल लिया गया था जिसकी शिकायत हुई बाद में पुलिस ने इन सभी आपरेटरो पर संबधित पुलिस थानों एफ आई आर हुई और उनकी सम्पत्ति को भी खंगाला गया और कंप्यूटर आपरेटर सहित उनके वरिष्ठ अधिकारियों को भी जाच के घेरे में लिया गया और उन कंप्यूटर आपरेटरो को सलाखों के पीछे जाना पड़ा अब जानता यह जानना चाह रही है कि क्या पुलिस ने पहले जिन जिन कंप्यूटर अपरेटरों पर कार्यवाही की तो क्या इस जानता के पैसी से नचनियों के साथ नाच रहे कंप्यूटर अपरेटर उसके मित्र गण सहित समिति प्रबंधक को पुलिस विभाग और जिला सहकारी मर्यादित समिति के वरिष्ठ अधिकारी के द्वारा मामले को संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई करेंगे या फिर वीडियो को देख मनोरजन कर अभयदान देगें !
वही नाम न छापने की तर्ज में बताया जा रहा है कि संबंधित कर्मचारी लगभग 7 वर्ष पहले कार्यालय सहकारी समिति खरीदी केंद्र सिंगारपुर में पदस्थ हुआ था। और प्राप्त जानकारी अनुसार इनका माशिक मान देय लगभग आठ से दस हज़ार रुपए बताया जा रहा है पर इनकी आमदनी दिन दोगुनी रात चौगुनी हो गई। शायद इसी हराम की कमाई को उड़ाने के लिए दुर्गेश यादव नामक ऑपरेटर ने नया ईजाद खोज निकाला। कार्यालय समय के दौरान निजी मौज-मस्ती में लिप्त कंप्यूटर ऑपरेटर का वीडियो वायरल होने के बाद जब संबंधित वीडियो के मामले पर समिति प्रबंधन के मैनेजर राजेश दुबे से उक्त वीडियो के विषय में जानकारी प्राप्त करनी चाही गई तो मैनेजर साहब ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उसका वह वीडियो पुराना हैं। और फिर तुरंत ही बातों को पलटते हुए कहा कि उसका यह निजी मामला हैं। और समिति के मैनेजर ने इसे कर्मचारी का “निजी मामला” बताते हुए पल्ला झाड़ लिया। इससे यह साबित होता हैं कि प्रबन्धन के मैनेजर साहब को उक्त वीडियो के विषय की जानकारी पहले से ही थी। तो क्या फिर कही कंप्यूटर ऑपरेटर और समिति के मैनेजर साहब की सांठगांठ इस वीडियो को लेकर बहुत पहले से ही एक पक्षीय मानसिकता बन चुकी थी। की कंप्यूटर ऑपरेटर महोदय आप अय्याशी कीजिए, महिलाओं के साथ रंगरेलिया मनाइए और जम कर वीडियो वायरल कीजिए। बाकी आपका पक्ष रखने को तो हम पहले से ही तैयार बैठे हैं।
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह कृत्य कार्यालय समय पर हुआ हो या न हुआ हो परन्तु एक सार्वजनिक तौर पर कार्य करने वाला कर्मचारी ही ऐसा कृत्य करें और उसके बचाव में उसके सक्षम अधिकारी ही उतर आए तो फिर इसे निजी मामला नहीं कहा जा सकता। जनता ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
*सवालों के घेरे में सहकारी समिति सिंगारपुर का कंप्यूटर ऑपरेटर*
सिंगारपुर सहकारी समिति के अंतर्गत आने वाले कुछ एक किसानों ने बतलाया कि उक्त ऑपरेटर के द्वारा किसानों को परेशान किया जाता है। किसान जब अपनी फसल को तुलवाने समिति तक आते हैं तो फसल तुलाई के बाद में कंप्यूटर पर उपार्जन को दर्ज करने के नाम पर अवैध वसूली की जाती हैं और जब हम इसकी शिकायत बड़े साहब से कनने की बात करते हैं तो कंप्यूटर ऑपरेटर के द्वारा कहा जाता है की प्रदेश का मुखिया भी यादव हैं और मैं भी यादव हूं। क्या तुम लोग मुझे नहीं जानते मेरी पकड़ ऊपर तक हैं।
*अकूत संपत्ति का मालिक आख़िर कैसे बना एक कंप्यूटर ऑपरेटर*
सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार विगत लगभग सात वर्षों के कार्यकाल के दौरान दुर्गेश यादव की की चल अचल संपत्ति में अचानक से उछाल आया जिसमें इनके द्वारा लाखों का मकान तैयार किया गया। और जमीनों में निवेश किया गया। जो एक जांच का विषय बांट हैं।
*सरकारी दफ्तर के समय, ऑपरेटर बना कलाकार*
सिंगारपुर सहकारी समिति अब “सहकारी” नहीं रही, बल्कि “मनोरंजन समिति” बन गई है।
जहां किसान अनाज तौलने आते हैं, वहां के कंप्यूटर ऑपरेटर महिलाओं के साथ अय्याशी करते हुए अपना वीडियो शूटिंग करवाता हैं और उसको जम कर वायरल भी बाद में सक्षम अधिकारी उसके बचाव में आते हैं और उक्त वीडियो को पुराना कहकर बात टालने की बात करते हैं।
कंप्यूटर ऑपरेटर ने कंप्यूटर चलाने की जगह
“कैमरा एंगल” संभाल लिया
और मैनेजर साहब ने
“निजी मामला” कहकर
पूरा सिस्टम ही क्लोज कर दिया।
जनता पूछ रही है –
अगर यह निजी मामला है
तो कंप्यूटर ऑपरेटर क्यों अपने रंगरेलियों वाला वीडियो बना कर वायरल कर रहे हैं?
और अगर उक्त मामला निजी है
तो फिर उक्त वीडियो को अपने तक ही सीमित क्यों नहीं रखा गया.?
अब इंतजार है उस जांच का
जो फाइलों में घूमेगी
और उस कार्रवाई का
जो सिर्फ बयान में होगी।
क्योंकि
यहाँ गलती ऑपरेटर की नहीं,
वीडियो वायरल होने की है।
अगर वीडियो न आता
तो सब कुछ “फाइल में ठीक” रहता।
नोट सोशल मीडिया में वायरल वीडियो की पुस्ती रेवांचल टाईम्स नहीं करता है