रेल विकास के लिए मंडला में बनेगी रणनीति, 17 फरवरी को विशाल धरना प्रदर्शन
डॉ. अशोक मर्सकोले ने भरी हुंकार, सभी संगठनों से जुड़ने की अपील
दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला, नगर के उपनगर मंडला में क्षेत्रीय विकास की जीवनरेखा मानी जाने वाली रेल सुविधाओं के विस्तार की मांग को लेकर मंडला में एक बार फिर जनआंदोलन की तैयारी तेज हो गई है। राष्ट्रीय रेल संघर्ष समिति के बैनर तले आगामी 17 फरवरी को विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में पूर्व विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले ने सर्वदलीय और सर्वसामाजिक एकजुटता का आह्वान करते हुए आंदोलन को निर्णायक रूप देने की बात कही है।
सर्वदलीय-सर्वसामाजिक समर्थन की अपील
डॉ. मर्सकोले ने कहा कि रेल विकास किसी एक दल या व्यक्ति का विषय नहीं, बल्कि पूरे जिले के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने जिले के सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, व्यापारी संघों, शैक्षणिक संस्थाओं, अधिकारी-कर्मचारी संगठनों और समाज प्रमुखों से इस आंदोलन में सक्रिय सहभागिता की अपील की है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि मंडला की उपेक्षित रेल परियोजनाओं को गति दिलाने के लिए अब सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन जरूरी हो गया है।
रणनीति को लेकर निर्देश
आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए संघर्ष समिति के सदस्यों को प्रतिदिन शाम बैठक आयोजित कर रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही समाज प्रमुखों और व्यापारिक वर्ग से व्यक्तिगत संपर्क कर लिखित एवं नैतिक समर्थन लेने पर जोर दिया गया है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी अभियान को व्यापक बनाने की तैयारी की जा रही है, ताकि जिले का प्रत्येक नागरिक इस मुहिम से जुड़ सके।
17 फरवरी का यह प्रदर्शन रेल मंत्रालय का ध्यान मंडला की लंबित और उपेक्षित रेल परियोजनाओं की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है, जिसे समिति निर्णायक चरण मान रही है।
इनका कहना है
“मंडला के विकास के लिए रेल सुविधाओं का विस्तार अब अनिवार्य हो चुका है। हमने लंबे समय तक प्रतीक्षा की है, लेकिन अब समय आ गया है कि हम अपनी शक्ति दिखाएं। मैं सभी से आग्रह करता हूँ कि 17 फरवरी को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर रेल संघर्ष समिति के बैनर तले धरना स्थल पर पहुँचें।”
— डॉ. अशोक मर्सकोले, पूर्व विधायक
“रेल सुविधा न होने का सबसे बड़ा नुकसान व्यापार जगत और आम जनता को हो रहा है। माल ढुलाई महंगी है और आवागमन के साधन सीमित हैं। हम व्यापारियों ने तय किया है कि हम रेल संघर्ष समिति की मांगों का पूर्ण समर्थन करेंगे और 17 फरवरी के प्रदर्शन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।”
— अजय गुरवानी, व्यापारी
“शिक्षा और रोजगार के लिए हमें अक्सर बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता है, लेकिन ट्रेनों की कमी के कारण यह कष्टदायक है। रेल विकास युवाओं के भविष्य के लिए जरूरी है। हम युवा साथी भारी संख्या में इस धरने में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।”
— अखिलेश सोनी, समाजसेवी
अब देखना यह है कि 17 फरवरी का यह आंदोलन मंडला की रेल मांगों को किस हद तक गति दिला पाता है और क्या केंद्र स्तर पर लंबित परियोजनाओं को लेकर ठोस निर्णय सामने आते