खबर का असर कुड़ामैली पंचायत में भुगतान पत्रकों का फर्जी खेल, खबर के बाद प्रशासन हरकत में दिये जांच के आदेश

रेवांचल टाइम्स मंडला। नारायणगंज जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कुड़ामैली में कथित फर्जीवाड़े की खबर को रेवांचल टाइम्स द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। पंचायत में भुगतान पत्रकों के माध्यम से शासकीय राशि के दुरुपयोग की आशंका जताई गई है, जिसके बाद अब प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है।
जहाँ जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत कुड़ा मैली सरपंच सचिव रोजगार सहायक और उपयंत्री की साठगांठ से निर्माण कार्यों पर मैटेरियल सप्लायर के बिल न लगाते हुए ग्राम पंचायत के लेट हेड पर पत्रक बना कर फर्जीवाडा किया जा रहा है और शासकीय राशि मे लू मंचा रखी हुई थी पहले फर्जी बिलों के सहारे राशि आहरित किए जाने के आरोप सामने आते रहे हैं। जिन वेंडरों के नाम पर भुगतान दर्शाया गया, उनकी दुकान, पंजीयन या स्पष्ट पता-ठिकाना तक संदिग्ध बताया गया। अब एक नया तरीका अपनाए जाने की चर्चा है, जिसमें कथित रूप से फर्जी बिलों के स्थान पर लेटरपैड और भुगतान पत्रकों के आधार पर लाखों रुपये का भुगतान दर्शाया गया है।
वही सूत्रों का दावा है कि जिन निजी वेंडरों के नाम पर राशि दर्शाई गई है, उनके खातों में भुगतान दिखाया गया है। इससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या यह पूरा मामला केवल वेंडरों तक सीमित है या फिर पंचायत स्तर पर बैठे जिम्मेदार पदाधिकारी भी इसमें शामिल हैं। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि बिना प्रशासनिक मिलीभगत के इस तरह का भुगतान संभव नहीं हो सकता।
वही आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले में विकास कार्यों के नाम पर यदि इस प्रकार के अनियमित भुगतान किए जाते हैं तो इसका सीधा असर ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन पर पड़ता है। जब पंचायत स्तर पर ही पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग जाए तो विकास कार्य केवल कागजों में सिमटकर रह जाने का खतरा बढ़ जाता है।
जिसकी दैनिक रेवांचल टाईम्स समाचार पत्र में उक्त बिल वाउचर निर्माण कार्यों में अनिमितताओं को लेकर खबर प्रकाशित की गई थी जिसको जनपद पंचायत नारायगंज ने प्रकाशित समाचार को संज्ञान में लेते हुए ग्राम पंचायत कूड़ामैली में हुई वित्तीय अनिमितताओं को में जांच करने जनपद स्तर से तीन सदस्यीय टीम गठित करते हुए जनपद में तीन दिवस में उक्त शिकायत की जाँच करते हुए जाँच प्रतिवेदन अपने अभिमित सहित कार्यालय उपलब्ध करने का पत्र जारी किया गया हैं।
वही अब निगाहें स्थानीय लोगो सहित अन्य लोगों की जनपद प्रशासन की जांच प्रक्रिया पर टिकी हैं। क्या जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी होगी? क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या फिर मामला कागजी खानापूर्ति बनकर रह जाएगा?
रेवांचल टाइम्स इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष मॉनिटरिंग करता रहेगा और जांच की हर अपडेट पाठकों तक पहुंचाता

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