10 किलोमीटर दूरी पर महाविद्यालय की नई बिल्डिंग तैयार
फिर भी विज्ञान संकाय के छात्र 25 किलोमीटर दूर पढ़ाई को मजबूर

दैनिक रेवांचल टाइम्स अंजनिया— स्थानीय छात्रों के लिए उच्च शिक्षा से जुड़ी एक बड़ी समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। स्कूली शिक्षा पूरा करने के बाद महाविद्यालय में प्रवेश लेने वाले विज्ञान संकाय के कई विद्यार्थी अभी भी लगभग 25 किलोमीटर की दूरी तय करके पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है। जबकि उनके आसपास केवल 10 किलोमीटर की दूरी पर एक नई महाविद्यालय की बिल्डिंग तैयार हो चुकी है।
छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि यह नई बिल्डिंग बनकर तैयार होने के बावजूद भी उपयोग में नहीं लाई जा रही है। तो वहीं राज्य सरकार से छात्रों ने और अभिभावकों ने उम्मीद जताते हुए विश्वाश जताया हैं कि आने वाले नए सत्र में नई बिल्डिंग में कला संकाय के साथ ही साथ विज्ञान संकाय के भी छात्र छात्राओं को प्रवेश मिलेगा, जिससे उन्हें रोज़ाना लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और शिक्षा के मार्ग में कठिनाइयों का सामना भी नहीं करना पड़ेगा।
*स्थानीय निवासियों के अनुसार:*
महाविद्यालय भवन की नव बिल्डिंग का निर्माण अभी कुछ माह पूर्व ही पूर्ण हुआ है। इसके पहले महाविद्याल अंजनिया का संचालन शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अंजनिया के भवन में संचालित हो रहा हैं। चूंकि वर्ष 2017- 18 में शासकीय महाविद्याल अंजनिया की स्थापना की गई थी परन्तु परिसर और सुविधाओं के अभाव के चलते महाविद्याल में मात्र कला संकाय के छात्र छात्राओं को ही अध्ययन का कार्य करवाया जा रहा हैं। जिसके चलते विज्ञान संकाय के बच्चों को अन्यत्र 20 से 25 किलोमीटर की अधिक दूरी तय करनी पड़ती हैं
तो वहीं प्रशासनिक और विभागीय मंजूरी के अभाव से पूर्व से ही अंजनिया महाविद्याल में विज्ञान संकाय के छात्रों को एडमिशन नहीं दिया जा रहा हैं। जिसके चलते महाविद्यालय में विज्ञान संचालन शुरू नहीं हो पाया।
इसके कारण युवा विद्यार्थी स्कूल के बाद दूसरे शहर में जाकर महाविद्यालय में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
छात्रों का कहना है कि अगर महाविद्यालय की नई बिल्डिंग में कला संकाय के साथ ही विज्ञान संकाय की पढ़ाई शुरू हो जाए तो उनकी ट्रैवल लागत, समय और थकान में काफी कमी आ जाएगी, जिससे वे बेहतर शिक्षा पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
विशेष रूप से ग्रामीण या पिछड़े क्षेत्रों में इस तरह की महाविद्यालयों की उपलब्धता से उच्च शिक्षा की पहुँच बेहतर होगी। और विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता कम होगी।
वर्तमान समय पर अंजनिया शासकीय महाविद्यालय के अंतर्गत शासकीय विद्यालयों की संख्या करीब 9 से 10 हैं जिसके अंतर्गत अंजनिया, मांगा, माधोपुर, अहमदपुर, औराई, ककैया, रामनगर और घुघरी की दूरी पास पड़ती हैं उक्त विद्यालयों में विज्ञान संकाय के करीब 495 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनको आने वाले समय पर अपनी विज्ञान संकाय की पढ़ाई को जारी रखने के लिए करीब 25 से 30 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी तो वही अगर आने वाले समय पर अंजनिया शासकीय महाविद्याल में कला संकाय के साथ ही साथ विज्ञान संकाय खोलने की अनुमति राज्य शासन और विभागीय अनुमति मिल जाती हैं तो आने वाले समय में विज्ञान संकाय के बच्चे भी अपना उज्जवल भविष्य बनाने ओर संवारने में लग जाएंगे।