महज 10 रुपए में बिक जाती है रोड!

जयंती कॉम्प्लेक्स की पार्किंग का स्थायी समाधान नहीं निकाल पा रहे अिधकार, पहले दिन पुलिस करती है कार्रवाई, दूसरे दिन फिर वही अव्यवस्था

नासूर बन गई अवैध पार्किंग, जनता हलाकान फिर भी प्रशासन बेखबर, सीना ठोंककर सड़क पर वसूली

शहर के मध्य स्थित जयंती कॉम्प्लेक्स के सामने सड़क पर अव्यवस्थित और अवैध पार्किंग की समस्या वर्षों से बनी हुई है। यह समस्या अब महज जाम और दुर्घटनाओं का कारण नहीं रह गई, बल्कि खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि कॉम्प्लेक्स के संचालक और उनके एजेंट सड़क पर पार्किंग करवाकर उससे ₹10 रुपए की पर्ची काटकर सीना ठोंककर अवैध वसूली कर रहे हैं।

सड़क पर खड़े वाहनों की वजह से पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। जहां सड़क पर यातायात सुचारु रहना चाहिए वहां दुकान संचालकों की मिलीभगत से अवैध स्टैंड बना दिया गया है। ग्राहक जो भी आता है, उससे खरीदारी के बदले पार्किंग की पर्ची थमा दी जाती है और उससे 10 रुपये वसूले जाते हैं— वो भी सड़क पर खड़े वाहन के लिए।

यातायात विभाग की तरह आंखें मूंदंे बैठा प्रशासन!

यह सब कुछ यातायात पुलिस और प्रशासन की आंखों के सामने हो रहा है। कभी-कभार दिखावे के लिए एक दिन कार्रवाई होती है, वाहन उठाए जाते हैं और अगले ही दिन फिर वही अव्यवस्था लौट आती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यातायात विभाग और प्रशासन की यह चुप्पी संदेह पैदा करती है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह सब किसी सेटिंग-गेटिंग का नतीजा है?

आसपास के दुकानदार परेशान, जनता त्रस्त

आसपास के दुकानदारों का कहना है कि उनके ग्राहक तक उनकी दुकानों तक नहीं पहुंच पाते। कई बार इस कारण झगड़े और विवाद की स्थिति भी बनती है। जाम लगने से स्कूली बच्चों, एंबुलेंस और जरूरी वाहनों तक को रास्ता नहीं मिलता।

* जयंती कॉम्प्लेक्स संचालकों और अवैध वसूली करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई
* सड़क पर पार्किंग करने वालों पर नियमित चालानी कार्रवाई
* पार्किंग के वैकल्पिक स्थान चिन्हित कर व्यवस्थागत समाधान
* यातायात विभाग और निगम की संयुक्त निगरानी टीम बनाकर हर दिन निरीक्षण

शहरवासी अब यही मांग कर रहे हैं कि प्रशासन सिर्फ एक दिन की खानापूर्ति करने के बजाय इस समस्या का स्थायी और कड़ा समाधान निकाले, ताकि सड़कें आम जनता के लिए सुरक्षित और सुगम बन सकें।

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