शिक्षा विभाग के अधिकारियों की अजब गज़ब मेहरवानी बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम का उलंघन करवा रहे अधिकारी

मान्यता अमान्य होने के बावजूद संचालित है स्कूल

विकासखंड स्त्रोत समन्यक और जनशिक्षक की भूमिका पर उठ रहे सवाल

महाशयों को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पत्रो की जानकारी ही नहीं है

सिवनी/लखनादौन – शिक्षा के स्तर को कमजोर करने में अधिकारी भी उनमें एक कारण है।अधिकारियों की भूमिका शिक्षा प्रणाली को सुचारू रूप से चलाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की होती है। लेकिन जब अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को ठीक से नहीं निभाते, तो शिक्षा का स्तर कमजोर हो जाता है। और हो भी रहा‌ है । जहां शासन-प्रशासन के आदेशो व निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। मान्यता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों के संचालक को लेकर राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के पत्र के संदर्भ में जिला शिक्षा केंद्र सिवनी कार्यालय से जिला शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर पदमुद्रा से जिले के सभी विकासखंड स्त्रोत केंद्र समन्वयक जनपद शिक्षा केंद्रों को और जिले के सभी जनशिक्षकों को 23 जून 2025 को पत्र जारी कर लेख किया गया कि विकासखण्ड अंतर्गत मान्यता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों (प्राथमिक एवं माध्यमिक) की जानकारी बीआरसीसी कार्यालय में संधारित है।
संदर्भित पत्र के बिन्दु क्र. 7.7 का अवलोकन करने सुनश्चित करें. इसमें दिए गए निर्देशानुसार जिन स्कूलों की मान्यता समाप्त हो चुकी है. अथवा 31 मार्च 2025 को समाप्त हो रही है. यदि ऐसे स्कूल द्वारा मान्यता नवीनीकरण हेतु समयावधि में आवेदन नहीं किया जाता है. तो उस स्कूल की मान्यता निश्चित तिथि के पश्चात स्वतः ही समाप्त हो जाएगी, तथा किसी ऐसे स्कूल को संचालित करना निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 उल्लंघन होगा तथा धारा 18 के तहत दंडनीय होगा।
अतः आप यह सुनिश्चित करें कि आपके विकासखण्ड / जनशिक्षा केन्द्र अंतर्गत संचालित अशासकीय विद्यालय मान्यता प्राप्त हो। विकासखण्ड/जनशिक्षा केन्द्र अंतर्गत कोई भी अशासकीय स्कूल बगैर मान्यता के संचालित नहीं हो इसकी जिम्मेदारी विकासखण्ड स्त्रोत केन्द्र समन्यक एवं जनशिक्षक की निर्धारित की जाती है।
इसके पश्चात यदि कोई अशासकीय विद्यालय बिना मान्यता के संचालित पाया जाता है। तो आप व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।
वही जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पत्र क्रमांक -417/आरटीई/मान्यता/2025 सिवनी दिनांक-23/06/2025 के मुताबिक यदि जिले में मान्यता अमान्य हो चुके स्कूल संचालित किये जा रहे हैं। तो कार्रवाई निश्चित है।परंतु लखनादौन विकासखंड समन्वयक केंद्र के अंतर्गत ग्राम धूमा के नर्मदा किड्स इंग्लिश स्कूल की जिला शिक्षा केंद्र सिवनी से मान्यता अप्रैल माह 2025 को अमान्य कर दी गई है। और जिला कार्यालय के आदेशों की अभेलना करते हुए अशासकीय स्कूल संचालक स्कूल संचालित करते हुए नए एडमिशन कर रहे हैं। और जिला कार्यालय से स्कूल की मान्यता को अफवाह बताकर झूठा ठहरा रहे हैं। और अब जब जिला शिक्षा अधिकारी की हस्ताक्षर पद मुद्रा से जारी पत्र पर स्पष्ट लेख है।कि मान्यता समाप्त विद्यालय यदि संचालित है तो वह धारा 18 के तहत दंडनीय है। तो क्या अब जिला मुख्यालय के अधिकारी जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई करेंगे। क्योंकि मान्यता अमान्य होने के बावजूद स्कूल संचालित किया जा रहा है और नए एडमिशन किये जा रहे हैं। प्राइवेट स्कूल प्रबंधन ना केवल शासकीय आदेशों व आरटीई की धारा 18 का उलंघन कर रहे हैं। बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशो की परवाह तक नहीं है।
वहीं जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय सिवनी से जारी पत्र के मामले पर जिम्मेदारों का यह कहना है-……..
“”” स्कूल वाले अपील में चले गए हैं और मान्यता रद्द होने और खत्म होने में अंतर पूरा मामला डीपीसी सर के अंडर में है,हमारे स्तर पर नहीं है।””
श्रीराम पटले -विकासखंड स्त्रोत केंद्र समन्वयक अधिकारी लखनादौन

“”” स्कूल वालों का प्रकरण अपील में है तो जानकारी वहीं से मिलेगी.. क्योंकि हमारे द्वारा फाइल आगे बढ़ा दी गई है अब जहां अपील चल रही है तो जानकारी वहीं से मिलेगी … जिला कार्यालय के पत्र की बात है तो उन्होंने पत्र किसको लिखा है देखना होगा और यदि आप चाहे तो डीपीसी सर या बीआरसी सर से बात करलें। “””
कैलाश साहू-विकासखण्ड अकादमिक समन्वयक लखनादौन

“”” पत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है मेरे पास…. बाकी स्कूल बंद करने के लिए निर्देश दिए गए हैं….. अब स्कूल चालू है या बंद है यह तो देखने के बाद ही बता पायेंगे”””
पंकज जैन -जनशिक्षक धूमा

“”” मामला तो गम्भीर है.. अब पूरे मामले पर डीपीसी से जानकारी लेता हूं फिर बताता हूं ।”””
एस एस कुमरे-
जिला शिक्षा अधिकारी सिवनी*

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