प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से वंचित किसान, और सरकार मना रही योजनाओं का उत्सव
रेवांचल टाइम्स – मंडला मध्यप्रदेश के मंडला जिले की नैनपुर तहसील में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पाने से अब भी कई पात्र किसान वंचित हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार योजनाओं की सफलता के उत्सव मनाने में व्यस्त दिखाई दे रही है। जमीनी हकीकत यह है कि अनेक किसानों के खाते आज भी खाली हैं और वे महीनों से कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
वही स्थानीय किसानों का आरोप है कि राजस्व विभाग की लापरवाही और उदासीनता के कारण उनके नाम सूची में दर्ज नहीं हो पाए या फिर तकनीकी त्रुटियों के नाम पर उनकी पात्रता अटका दी गई। कई किसानों ने समय पर आवेदन और दस्तावेज जमा किए, लेकिन न तो उनकी स्थिति स्पष्ट की गई और न ही समस्या का समाधान हुआ।
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब शासन द्वारा किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक संबल देने के लिए यह महत्वाकांक्षी योजना चलाई जा रही है, तो फिर पात्र किसानों तक इसका लाभ पहुंचाने में इतनी लापरवाही क्यों बरती जा रही है? क्या राजस्व अमले की ढिलाई को छिपाने के लिए योजनाओं के नाम पर केवल कागजी उपलब्धियों का उत्सव मनाया जा रहा है?
ग्रामीणों का कहना है कि नैनपुर तहसील के कई गांवों में ऐसे किसान हैं जिनकी जमीन और दस्तावेज पूरी तरह सही होने के बावजूद उन्हें अब तक किसान सम्मान निधि की एक भी किस्त नहीं मिली। किसानों ने कई बार पटवारी और राजस्व कार्यालय में शिकायत भी की, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
यह स्थिति न केवल किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर रही है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही है। यदि समय रहते इन मामलों की गंभीरता से जांच नहीं की गई तो सरकार की मंशा और योजनाओं की पारदर्शिता पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
किसानों की मांग है कि नैनपुर तहसील में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से वंचित किसानों की सूची की तत्काल जांच कराई जाए और राजस्व विभाग की लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पात्र किसानों को उनका अधिकार मिल सके।